(रिपोर्ट – बबलू सेंगर)

Jalaun news today । जालौन नगर में नवरात्र के अंतिम दिन नवमी को देवी भक्तों ने मंदिरों में मां सिद्धदात्री की पूजा-अर्चना की और घरों में बोए गए जवारों को भी चढ़ाया। नगर तथा ग्रामीण क्षेत्र में देवी मंदिरों में देवी भक्तों की विशाल भीड़ उमड़ी। पहाड़पुरा में माां कामाक्षा देवी मंदिर पर व नगर की शक्तिपीठ बडी माता मंदिर, छोटी माता मंदिर पर सुबह से शाम तक भक्तों का तांता लगा रहा।
नवरात्र में नवें दिन घरों व मंदिरों व दुर्गा पांडालों में मां सिद्धदात्री की पूजा अर्चना की गई। देवी भक्तों ने रोली, चंदन व फूल, मालाएं चढ़ाकर पूजा देवी मां की पूजा अर्चना की। नवरात्र में देवी मां के नौ अलग-अलग रूपों में पूजा की जाती है। पंडित अरविंद बाजपेई ने बताया कि पुराणों के अनुसार यह देवी चार भुजाओं वाली और शेर पर सवार हैं। नवरात्र के नवें दिन इनकी पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसलिए इनका नाम सिद्धदात्री पड़ा। घरों में जवारों की स्थापना करने वाले नगर व क्षेत्र के देवी भक्त मुंह में सांग छेदकर व जवारे लेकर देवी मंदिर पहुंचे। नगर में छोटी माता मंदिर, बड़ी माता मंदिर, व ग्राम पहाड़पुरा में कामाक्षा देवी मंदिर पर सुबह से ही देवी भक्तों की भारी भीड़ लगी रही। सभी देवी भक्त अपने-अपने घटों को लेकर अचरी गाते हुए देवी मंदिरों की ओर खिंचे चले आ रहे थे। कई भक्त नाचते-गाते देवी मैया के जयकारों के साथ मंत्र मुग्ध थे। देवी मां के भक्त मुंह में सांग छेदकर रास्तों पर दौड़ लगाते हुए आ-जा रहे थे। वहीं महिलाएं भी अपने सिरों पर जवारों के घट रखे हुए भक्ति भाव से देवी मां के गीतों को गाते हुए रास्तों पर जा रहीं थीं। इसके साथ ही नगर में 35 व ग्रामीण क्षेत्र में 16 पंडालों में सजे मां के विभिन्न रूपों की झांकियों में आज हवन किया गया। इसके बाद लगभग सभी दुर्गा पंडालों में भंडारे व कन्या भोज का आयोजन किया गया जिसमें नगर बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद चखा।
जालौन कोतवाली में पुलिसकर्मियों ने कराया कन्याभोज
कोतवाली में भी नवरात्र के अंतिम दिन कन्या भोज का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में कन्याओं ने भंडारे को चखा।
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