जालौन मंडी में डेढ़ माह बाद भी नहीं शुरू हो सकी धान खरीद,, प्राइवेट व्यापारियों के पास हो रही धान की आवक

Paddy procurement could not start in Jalaun Mandi even after one and a half months, paddy is arriving with private traders.

(रिपोर्ट – बबलू सेंगर)

Jalaun news today। लगभग एक माह पूर्व गल्ला मंडी में खोले गए मोटे अनाज ज्वार, बाजरा के साथ ही धान खरीद केंद्र पर लगभग डेढ़ माह से धान खरीद शुरू नहीं हो सकी है। हालांकि केंद्र पर लगभग 750 क्विंटल बाजरा और 20 क्विंटल ज्वार खरीदा गया है। वहीं, प्राइवेट व्यारियों के पास धान की काफी आवक हो रही है।
खरीफ की फसल में धान व मोटे अनाज में ज्वार, बाजरा के साथ धान को किसानों से एमएसपी की दर पर खरीदने के लिए गल्ला मंडी परिसर में सरकारी क्रय केंद्र खोला गया है। एक अक्टूबर को क्रय केंद्र का शुभारंभ हो चुका है। गल्ला मंडी में खोले गए धान, बाजरा ज्वार के केंद्र पर किसान धान लेकर नहीं पहुंच रहे हैं। जबकि प्राइवेट व्यापारियों के पास धान की अच्छी आवक हो रही है। प्राइवेट व्यापारियों के पास किसानों का जमावड़ा लग रहा है। हालांकि डीएम ने किसानों से किसान पंजीकरण के उपरांत निर्धारित समय व तारीख पर सीधे केंद्र पर आकर अपना मोटा अनाज बेचने की अपील की थी। इसके बाद भी इक्का दुक्का किसान ही केंद्र पर पहुंचते हैं। उनमें भी मानक के अनुसार धान न होने से उन्हें वापस लौटना पड़ता है। किसी किसान के धान में नमी कम मिलती है तो किसी किसान का धान मानक के अनुसार नहीं होता है। ऐसे में किसान प्राइवेट व्यापारियों की ओर ही अधिक रूख करते नजर आ रहे हैं। यही कारण है कि सरकारी केंद्र पर अब तक धान की खरीद शून्य ही है। केंद्र प्रभारी अवनींद्र कुमार ने बताया कि केंद्र पर शासन द्वारा निधारित सामान्य धान 2183 व ए वन ग्रेड का धान 2203 रुपये प्रति क्विंटल, बाजरा 2500 रुपये, ज्वार हाइब्रिड 3180 व ज्वार मालदंडी 3225 रुपये प्रतिक्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। क्षेत्र में मोटे धान की पैदावार न होने से किसान केंद्र पर नहीं आ रहे हैं। जो किसान मंडी में आ रहे हैं वह बसामती ग्रेड का धान लेकर आ रहे हैं। जो वह प्राइवेट व्यापारियों को बेच देते हैं। हालांकि इक्का दुक्का किसान केंद्र पर आए हैं लेकिन नमी अधिक होने की वजह से उनका धान नहीं खरीदा जा सका। उन्हें धान सुखाकर लाने के लिए कहा गया है। केंद्र पर किसान बाजरा बेचने के लिए आ रहे हैं। अब तक 750 क्विंटल बाजरा केंद्र पर खरीदा गया है। इसके अलावा 20 क्विंटल ज्वार भी खरीदा जा चुका है।

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