जालौन नगर को रेलवे मानचित्र पर लाने के समाजसेवी ने लिखा प्रधानमंत्री समेत अन्य अधिकारियों को पत्र,

Jalaun news today । जालौन नगर को रेलवे मानचित्र पर लाए जाने के लिए नगर के समाजसेवी ने प्रधानमंत्री समेत रेलमंत्री को पत्र भेजकर प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव के पत्र का संज्ञान लेकर शीघ्र रेलवे लाइन का काम चालू कराने की मांग की है।
नगर के समाजसेवी देवीदयाल वर्मा ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर बताया कि जालौन नगर व आसपास कई पर्यटक स्थल हैं। जालौन नगर में जहां ताईबाई का महल ऐतिहासिक विरासत है तो रामपुरा का किला भी पर्यटक स्थल के रूप में विकसित हो रहा है। पचनदा में पांच नदियों का संगम है। इसके बाद भी बेरोजगारी में लोगों को इधर उधर भागना पड़ता है। नगर व क्षेत्र के लोग पिछले कई दशकों से नगर को रेलवे मानचित्र पर लाने की मांग कर रहे हैं। पूर्व रेलमंत्री ममता बनर्जी ने इस दिशा में कार्य किया था। जिसमें कोंच से जालौन औरैया होकर फफूंद तक (89.68 किमी) नई रेल लाईन का सर्वे पूरा हो चुका है। जिसे सर्वे रिपोर्ट दिनांक 10 फरवरी 2014 एवं भिंड-उरई-जालौन-महोबा-राठ होकर (217 किमी) की सर्वे रिपोर्ट दिनांक 29 मार्च 2012 को रेलवे बोर्ड प्रधान कार्यालय (निर्माण) उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद द्वारा भेजी जा चुकी है। लेकिन सर्वे के बाद से यह अब तक अटकी-भटकी-लटकी है और इसकी अनदेखी हो रही है। नगर में 53 दिन तक चले अनशन के बाद पूर्व सांसद भानु प्रताप वर्मा ने उरई-जालौन-बंगरा-माधौगढ़-भिंड रेल लाईन की मांग लोकसभा में की थी। रेल मंत्रालय भारत सरकार (रेलवे बोर्ड) के पत्र दिनांक 06 अक्टूबर 2022 के क्रम में महोबा से भिंड वाया जालौन तक नई रेल लाइन के सर्वे की स्वीकृति प्रदान की गई है और रेलवे बोर्ड द्वारा आश्वासन दिया गया था कि सर्वे रिपोर्ट की जांच के बाद इस परियोजनापर विचार किया जाएगा। इसके लिए पांच करोड तेतातीस लाख रुपये भी आवंटित करने की जानकारी दी गई थी। उपरोक्त प्रस्तावित नई रेल लाइन बिछाने के लिए प्रदेश की महामहिम राज्यपाल महोदया आनंदीबेन पटेल के सचिवालय से 12 अप्रैल 2024 एवं उसके साथ सलग्न पत्र मूल अजय कुमार ओझा संयुक्त सचिव उत्तर प्रदेश शासन दिनांक 14 जून 2024 में रेल मंत्रालय को प्रकरण में नियमानुसार कार्यवाही कराने की बात कही गई है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि उपरोक्त प्रस्तावित नई रेल लाईन परियोजनाओं को संसद में संस्तुति प्रदान की जाए और कोंच से जालौन औरेय्या होकर फफूंद तक रेलवे ट्रैक और महोबा से राठ-उरई-जालौन-बंगरा-माधौगढ़ होकर भिंड तक रेलवे ट्रैक को आगामी आम बजट (रेलवे) 2024-25 में धनराशि आवंटित कर रेलवे लाइन का निर्माण शुरू कराया जाए। ताकि यहां से आम जनता का पलायन रूक सके।

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