रिपोर्ट बबलू सेंगर
E-Magzine – उत्तम पुकार न्यूज़
Jalaun news today ।जालौन नगर के एकमात्र सरस्वती मंदिर पर बसंत पंचमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। मंदिर में पहुंचकर भक्तों ने पूजा अर्चना की। हवन पूजन के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। जिसमें सैंकड़ों की संख्या में भक्तों ने प्रसाद चखा। पर्व को लेकर मंदिर को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया।
नगर के एकमात्र सरस्वती मंदिर पर बसंत पंचमी का पर्व आयोजित किया गया। पर्व को लेकर फूल पत्तियों और इलेक्ट्रिक झालरों से मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया, जिसकी छटा देखते ही बन रही थी। सबसे पहले सुबह के समय मंदिर में पुजारी हृदेश नारायण मिश्रा ने पूजा अर्चना कराई। विद्या की देवी सरस्वती मां के मंदिर में दिनभर दूर दराज से श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचते रहे। पुजारी ने बताया कि बसंत पंचमी के बाद से लोगों को खान-पान का ख्याल रखना चाहिए। इसके अलावा पशु पक्षियों की सेवा में भी ध्यान लगाना चाहिए। पशु पक्षियों की सेवा करने से मनुष्य का जीवन उत्तम मार्ग की ओर बढ़ता है। इसके अलावा उन्होंने लोगों से सद्मार्ग पर चलने की अपील की। इस दौरान हवन पूजन का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। जिसमें भक्तों ने भाग लिया। कार्यक्रम के समापन पर प्रसाद का वितरण किया गया। जिसमें सैंकड़ों की संख्या में भक्तों ने प्रसाद चखा। स्कूली बच्चों ने भी वि़द्या की देवी के मंदिर में पहुंचकर पूजा अर्चना की। कार्यक्रम में अभिषेक माहेश्वरी, शिवकुमार निरंजन, महावीर सिंह, मुन्ना राज, प्रशांत पाल, अनिल तिवारी, रिंकू गुप्ता, मुन्ना सेंगर, प्रशांत मिश्रा आदि ने सहयोग किया।
महाराणा प्रताप साइंस अकादमी में मनाया गया बसंत पंचमी का पर्व

जालौन। महाराणा प्रताप साइंस एकेडमी में बसंत पंचमी के पर्व पर हवन पूजन कर प्रसाद वितरित किया गया।
महाराणा प्रताप साइंस इंटर कॉलेज में बसंत पंचमी के पर्व पर आयोजित हवन पूजन के बाद संचालक मंगल सिंह चौहान ने कहा कि बसंत पंचमी ऋतु परिवर्तन का भी संकेत देती है, जो नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संदेश देती है। इस दिन से प्रकृति में नवचेतना का संचार होता है, इसलिए विद्यार्थियों को अपने जीवन में भी नई शुरुआत, सकारात्मक सोच और अनुशासन को अपनाना चाहिए। इस दौरान माता सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस मौके पर राजेश, प्रियंका, अनुराधा, ममता, संगीता, अर्चना आदि रहे।






