जालौन में शहर काजी ने बताई शब ए बारात की अहमियत,,

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । शब ए बारात को लेकर नगर में शहर काजी मौलाना साबिर ने शब ए बारात की अहमियत के बारे में बताया कि यह रात इबादत, तौबा और मगफिरत की रात मानी जाती है। उन्होंने कहा कि शब ए बारात को अल्लाह की रहमत और बंदों की बख्शिश की रात कहा गया है, जिसमें ईमानदारी से की गई दुआएं कुबूल होती हैं।
मंगलवार को शब ए बारात का पर्व है। इस पर्व को लेकर शहर काजी मौलाना साबिर ने बताया कि शब ए बारात में अपने मरहूम रिश्तेदारों और पूर्वजों के लिए दुआ करना और कब्रिस्तान जाकर फातिहा पढ़ना सुन्नत माना जाता है। इससे न केवल मरहूमों को सवाब पहुंचता है, बल्कि दुआ करने वाले के दिल को भी सुकून मिलता है। उन्होंने कहा कि इस रात की इबादत का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। यह रात इबादत और आत्मचिंतन की है, न कि दिखावे की। मौलाना सुल्तान अहमद ने बताया कि शब ए बारात में अधिक से अधिक इबादत करनी चाहिए। इस रात नफ्ल नमाज अदा करना, कुरआन की तिलावत करना, दुआ और जिक्र करना बेहद फायदेमंद माना गया है। उन्होंने कहा कि इस रात अल्लाह अपने बंदों की तकदीर के फैसले फरमाता है, इसलिए हर इंसान को अपने गुनाहों से तौबा कर सच्चे दिल से माफी मांगनी चाहिए। शब ए बारात को सिर्फ रस्मों तक सीमित न रखें, बल्कि इसकी असल रूह को समझें।