रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विश्व श्रवण दिवस के अवसर पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 82 व्यक्तियों का परीक्षण किया गया, जिनमें से नौ लोगों में सुनने से संबंधित सामान्य समस्याएं पाई गईं। वहीं एक व्यक्ति में अधिक गंभीर समस्या पाए जाने पर उसे उच्च संस्थान रेफर किया गया।
शिविर में आए लोगों की ऑडियो जांच, कान की सफाई, संक्रमण की जांच और आवश्यक परामर्श दिया गया। चिकित्सकों ने शिविर में आए लोगों को समय-समय पर जांच कराने और किसी भी प्रकार की सुनने में कमी, कान में दर्द, घंटी बजने जैसी आवाज या मवाद आने की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केडी गुप्ता ने कहा कि विश्व श्रवण दिवस का उद्देश्य लोगों को श्रवण स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। तेज आवाज में लंबे समय तक रहना, मोबाइल या ईयरफोन का अत्यधिक उपयोग और कान की सही देखभाल न करना सुनने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। यदि प्रारंभिक अवस्था में समस्या का पता चल जाए तो उसका उपचार संभव है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि बच्चों की सुनने की क्षमता पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि प्रारंभिक उम्र में पहचान होने पर बेहतर इलाज संभव होता है। डॉ. राजीव दुबे ने कहा कि श्रवण शक्ति हमारे दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सुनने में कमी होने से व्यक्ति के संवाद, शिक्षा और सामाजिक जीवन पर प्रभाव पड़ता है। कई बार लोग हल्की समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बाद में स्थिति गंभीर हो सकती है। नियमित जांच, साफ-सफाई और चिकित्सकीय सलाह का पालन कर अधिकांश समस्याओं से बचा जा सकता है। इस मौके पर डॉ. सहन बिहारी गुप्ता, डॉ. योगेश आर्य, डॉ. विनोद, फार्मासिस्ट डॉ. पीएन शर्मा, अवधेश राजपूत आदि मौजूद रहे।







