जैसे कपिल देव को देखकर ही पाकिस्तान आधा मैच हार जाता था, वैसे ही डॉक्टर के व्यवहार से आधी बीमारी हार जाती है: सीएम योगी

Noida news today। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को ग्रेटर नोएडा में केडीएसजी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें डॉक्टर और मरीज के बीच विश्वास और मानवीय व्यवहार की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। एक मरीज डॉक्टर के पास बड़े विश्वास के साथ जाता है। उसके लिए पैसा सबसे बड़ा मुद्दा नहीं होता, बल्कि डॉक्टर के व्यवहार और उसकी सलाह पर भरोसा अधिक महत्वपूर्ण होता है। डॉक्टर का अच्छा व्यवहार मरीज की आधी से अधिक बीमारी को समाप्त कर देता है। इस बात को समझाने के लिए मुख्यमंत्री ने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए कहा कि जब भारत की क्रिकेट टीम के कप्तान के रूप में कपिल देव गेंदबाजी करते थे या टीम का नेतृत्व करते थे, तो पाकिस्तान की टीम आधा मैच वहीं हार जाती थी। इसी तरह यदि बीमारी की तुलना पाकिस्तान से की जाए और डॉक्टर को कपिल देव के रूप में देखा जाए, तो मरीज डॉक्टर को देखकर ही आधी लड़ाई जीत लेता है।
डॉक्टर पर विश्वास हो तो दवा भी असर करती है और दुआ भी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जब मरीज को डॉक्टर पर विश्वास हो जाता है तो बीमारी के खिलाफ उसकी मानसिक शक्ति बढ़ जाती है। इसके बाद दवा भी असर करती है और दुआ भी काम करती है। डॉक्टर को दुआ मिलती है और मरीज को सही दवा मिलने पर वह जल्दी स्वस्थ हो जाता है। इससे अस्पताल की प्रतिष्ठा भी बढ़ती है और डॉक्टर का सम्मान भी। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में उठाए जा रहे कदमों के बारे में कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद लोगों को बिना भेदभाव पांच लाख रुपये तक की कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध कराई है, जिससे लाखों लोगों को राहत मिल रही है।
सेवा सही, सस्ती और विश्वसनीय होनी चाहिए
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 तक भारत के अंदर केवल छह एम्स काम कर रहे थे और प्रधानमंत्री मोदी जी की पहल का परिणाम है कि आज देश में 23 एम्स कार्य कर रहे हैं। आयुष्मान भारत के अंतर्गत 60 करोड़ से अधिक लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी राज्य है, जहां सर्वाधिक गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं। प्रदेश में अब तक 5 करोड़ 60 लाख से अधिक गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी पैदा हुई है। यह स्वस्थ प्रतिस्पर्धा ऐसी है, जिसमें आज सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं भी बढ़ रही हैं। साथ ही सरकार द्वारा तय उपचार दरों और निजी क्षेत्र की मनमानी दरों के बीच बड़े अंतर को संतुलित करने का भी प्रयास हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा मानना है कि अस्पतालों के लिए स्वास्थ्य सेवा की परिभाषा स्पष्ट होनी चाहिए। सेवा सही होनी चाहिए, सस्ती होनी चाहिए और विश्वसनीय भी होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर मरीज के साथ धोखा नहीं होना चाहिए। हर व्यक्ति उस सेवा को वहन कर सके और उस पर भरोसा कर सके।
सरकार के साथ निजी क्षेत्र की सहभागिता भी अत्यंत आवश्यक
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के प्रयासों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की सहभागिता भी अत्यंत आवश्यक है। निजी अस्पतालों के सहयोग से बड़ी आबादी को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। किसी भी संपन्न देश के लिए यह आवश्यक है कि वहां के प्रत्येक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले। यह उसका अधिकार भी है और सरकार का दायित्व भी। उन्होंने केडीएसजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण को इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसके संस्थापकों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अस्पताल केवल गौतम बुद्ध नगर ही नहीं, बल्कि पूरे एनसीआर क्षेत्र तथा अन्य जनपद के लोगों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की अपार संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता जताई कि केडीएसजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना कपिल देव और उद्योगपति सुनील गुप्ता द्वारा की गई है। उन्होंने महाराष्ट्र की प्रतिष्ठित संस्था डीवाई पाटिल ग्रुप के साथ मिलकर इस अस्पताल के संचालन की जिम्मेदारी ली है। डीवाई पाटिल समूह शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहा है और उसने महाराष्ट्र में उत्कृष्ट कार्य किए हैं। अब उनके अनुभव का लाभ गौतम बुद्ध नगर जनपद और एनसीआर क्षेत्र के लोगों को भी मिलेगा। उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य है और यहां स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। यदि केडीएसजी समूह मेडिकल कॉलेज के क्षेत्र में भी निवेश करेगा, तो इससे नए मेडिकल प्रोफेशनल तैयार होंगे और स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
1000 लोगों को मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह 300 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल केवल स्वास्थ्य सेवा ही नहीं देगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। यहां प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कम से कम 1000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसमें डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिक्स, टेक्नीशियन, वार्ड बॉय, सफाई कर्मचारी, सुरक्षा कर्मी और अन्य सहयोगी कर्मचारी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश सकारात्मक सोच के साथ विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। एक समय था जब प्रदेश में “वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया” की स्थिति थी और सरकारें माफियाओं के सामने नतमस्तक रहती थीं। आज वही उत्तर प्रदेश “वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज”, “वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट” और अब “वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुज़ीन” की दिशा में आगे बढ़ चुका है।
गौतम बुद्ध नगर बना विकास का बड़ा केंद्र
सीएम योगी ने कहा कि गौतम बुद्ध नगर जनपद आज विकास का बड़ा केंद्र बन चुका है। यहां जल्द ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट शुरू होने जा रहा है। भारत में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का लगभग 55 प्रतिशत उत्पादन इसी जनपद में हो रहा है और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का लगभग 60 प्रतिशत उत्पादन भी यहीं होता है। यहां फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और लॉजिस्टिक्स हब भी विकसित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश अपनी पहचान के लिए मोहताज था, लेकिन आज वही उत्तर प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था के लिए ग्रोथ इंजन बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केडीएसजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में किया गया यह निवेश सेवा का भी उदाहरण है और प्रदेश के विकास में निवेश का भी।

इस अवसर पर अस्पताल के फाउंडर एवं डायरेक्टर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव और सुनील कुमार गुप्ता, प्रदेश सरकार में मंत्री और गौतम बुद्ध नगर के प्रभारी कुंवर बृजेश सिंह, सांसद डॉ. महेश शर्मा, विधायक तेजपाल नागर, धीरेन्द्र सिंह, विधान परिषद सदस्य नरेंद्र भाटी, चंद्र शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी, क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येन्द्र सिसोदिया, भाजपा नेता महेश चौहान, अभिषेक शर्मा तथा अजिंक्य डीवाई पाटिल हेल्थकेयर के चेयरमैन डॉ. अजिंक्य डीवाई पाटिल समेत अन्य अतिथिगण उपस्थित रहे।
आधुनिक और सभी सुविधाओं से लैस होगा अस्पताल

यह अस्पताल भारत की 1983 विश्वकप विजेता क्रिकेट टीम के कप्तान कपिलदेव और उद्योगपति सुनील कुमार गुप्ता द्वारा स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य है कि कोई भी मरीज आर्थिक स्थिति के कारण अच्छी स्वास्थ्य सेवा से वंचित न रहे। अस्पताल का संचालन अजिंक्य डीवाई पाटिल हेल्थकेयर द्वारा किया जाएगा। यह अस्पताल ग्रेटर नोएडा के सबसे आधुनिक और सभी सुविधाओं से लैस निजी सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों में से एक है। यहां अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, मल्टी-स्पेशियलिटी आईसीयू, पूरी तरह सुसज्जित कैथेटराइजेशन लैब, डेडिकेटेड इमरजेंसी व ट्रॉमा सेंटर तथा रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी और न्यूक्लियर मेडिसिन से जुड़ी आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल में कार्डियोलॉजी व कार्डियक साइंसेस, ऑन्कोलॉजी, न्यूरोलॉजी व न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स और जॉइंट रिप्लेसमेंट, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, क्रिटिकल केयर मेडिसिन, पल्मोनोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और पीडियाट्रिक्स सहित कई विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध होंगी।







