रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । पाक माह रमजान का 10 दिन का पहला असरा पूरा होने के बाद अब दूसरा असरा चल रहा है। यह असरा 20वें दिन तक चलेगा। इस दौरान नगर की मस्जिदों में इबादत का सिलसिला लगातार जारी है। रोजेदार पूरी अकीदत के साथ रोजे रख रहे हैं और अल्लाह की इबादत के साथ ही दुआएं भी कर रहे हैं।
मौलाना सुल्तान अहमद ने बताया कि रमजान माह में रोजा रखना हर बालिग मुसलमान पर फर्ज है। रोजा केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं, बल्कि बुरी बातों और गलत कार्यों से खुद को बचाने का अभ्यास भी है। रोजा इंसान को सब्र, जरूरतमंदों के प्रति हमदर्दी सिखाता है। जब व्यक्ति दिनभर भूखा-प्यासा रहता है तो उसे गरीबों की तकलीफ का एहसास होता है। रमजान के दौरान जकात और सदका देने की परंपरा से समाज में समानता और सहयोग की भावना को मजबूत होती है।
दावत ए इस्लामी के बुंदलेखंड निगरां सैयद आमिर अत्तारी ने बताया कि रमजान का हर असरा का खास महत्व है। पहले दस दिनों में अल्लाह की रहमत की तलाश की जाती है, जबकि दूसरे असरे में इंसान अपने किए गए गुनाहों की माफी मांगता है। रोजेदार इस समय अधिक से अधिक इस्तिगफार पढ़ें और अपने जीवन में सुधार का संकल्प लें। इस दौरान जो व्यक्ति सच्चे दिल से तौबा करता है, अल्लाह उसे माफ फरमाता है।






