
Akhilesh Yadav News today । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। अपने X हैंडल पर पोस्ट करते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश ने कहा कि भाजपाईयों को सोते जागते समय केवल PDA ही दिखाई देता है केवल PDA ही सुनाई देता है लोकसभा चुनाव में हार की हताशा और आने वाले विधानसभा में सत्ता से बाहर होने के बाद अपने कुकर्मों की सजा भुगतने के डर से पीडीए का नाम सुनते ही थर थर कांपने लगे हैं।
उल्लेखनीय है कि यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और आगे होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए सभी पार्टियां जी जान से जुटी हुई है और एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप भी खूब लगाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर करारा प्रहार किया है।
X पर कही यह बात
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने X हैंडल पर पोस्ट करते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने लिखा कि भाजपाइयों को सोते जागते केवल PDA ही दिखाई देता है, केवल PDA ही सुनाई देता है। लोकसभा में हार की हताशा और आनेवाले विधानसभा में सत्ता से बाहर होने के बाद अपने कुकर्मों की सज़ा भुगतने के डर से ये PDA का नाम सुनते ही थर-थर काँपने लगे हैं।
जिनको पीडीए के साये से भी परहेज़ है उनकी ज़ुबान को पीडीए बोलने में भी दिक़्क़त आती होगी। जो पीडीए की झोपड़ियों पर बुलडोज़र चलवाते हों और विद्वेष की राजनीति के नाम पर लोगों के हातों पर प्रहार करते हों, चोटी कटवाते-खिंचवाते हों, वो मंचों पर मौन रहें। देखते हैं दो दिन बाद इन्हें बड़े मंच पर बोलने का मौका भी दिया जाता है या नमस्ते न करने का दंड देते हुए, प्लास्टिक की कुर्सी पर दूर बैठाया जाता है।
मन और वचन का गहरा संबंध होता है। जिसका मन बुरा होता है, उनका कथन भी बुरा ही होता है।
भाजपाइयों को सोते जागते केवल PDA ही दिखाई देता है, केवल PDA ही सुनाई देता है। लोकसभा में हार की हताशा और आनेवाले विधानसभा में सत्ता से बाहर होने के बाद अपने कुकर्मों की सज़ा भुगतने के डर से ये PDA का नाम सुनते ही थर-थर काँपने लगे हैं।
जिनको पीडीए के साये से भी परहेज़ है उनकी ज़ुबान को पीडीए बोलने में भी दिक़्क़त आती होगी। जो पीडीए की झोपड़ियों पर बुलडोज़र चलवाते हों और विद्वेष की राजनीति के नाम पर लोगों के हातों पर प्रहार करते हों, चोटी कटवाते-खिंचवाते हों, वो मंचों पर मौन रहें। देखते हैं दो दिन बाद इन्हें बड़े मंच पर बोलने का मौका भी दिया जाता है या नमस्ते न करने का दंड देते हुए, प्लास्टिक की कुर्सी पर दूर बैठाया जाता है।
मन और वचन का गहरा संबंध होता है। जिसका मन बुरा होता है, उनका कथन भी बुरा ही होता है।







