रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today ।जालौन क्षेत्र में किसानों और मजदूरों की विभिन्न समस्याओं समेत पेट्रोल व डीजल के ब़ढ़े हुए दामों के विरोध में अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा एवं भाकपा-माले ने संयुक्त रूप से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा है। जिसके माध्यम से समस्याओं के समाधान की मांग की गई है।
अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा एवं भाकपा-माले पदाधिकारी कामरेड रामसिंह, फूल सिंह, संजय गौतम, शिवबालक बाथम, रमेशचंद्र टेलर, सुरेंद्र कुमार राधेश्याम आदि ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम रिंकू सिंह राही को सौपंकर बताया कि केंद्र सरकार ने बीबी रामजी योजना के माध्यम से ग्रामीण गरीबों के लिए न्यूनतम 100 दिन का रोजगार गारंटी को खत्म कर दिया है। ग्रामीण मजदूर जिनका जीवन अभी भी कृषि जनित मजदूरी पर आधारित है, उनके लिए मनरेगा को फिर से बहाल किया जाए और न्यूनतम 200 दिन काम व 600 रुपये दैनिक मजदूरी की गारंटी दी जाए। पहली अप्रैल से लागू चारों श्रम कोड को निरस्त किया जाए और श्रम संगठनों, विभिन्न श्रम अयोगों द्वारा किए गए संस्तुति के अनुसार अकुशल, कुशल व अति कुशल श्रमिकों के लिए तय वेतनमान न्यूनतम 34000 मासिक से 44000 मासिक तक किया जाए और काम के घंटे आठ किए जाएं। नोएडा व गाजियाबाद में मजदूरों द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर न्यूनतम वेतन की मांग किए जाने पर, प्रदेश सरकार द्वारा बड़ी तादाद में मजदूरों को जेल भेजा गया है। उनकी बिना शर्त रिहाई किया जाए और उनकी जायज मांगों को लागू किया जाए। प्रदेश में बिजली का निजीकरण बंद किया जाए एवं स्मार्ट मीटर पूर्णतः हटाए जाएं। अन्य प्रदेशों की तरह यूपी में भी 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाए। लोकतांत्रिक धरना प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने जैसी असंवैधानिक कार्यवाही पर रोक लगाई जाए। साथ ही मांग की गई कि पेट्रोल और डीजल के बढ़े हुए दामों को वापस लिया जाए।





