जालौन में गैस एजेंसियों पर पानी की व्यवस्था कराने की मांग,,

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । भीषण गर्मी को देखते हुए गैस एजेंसियों पर छाया व पानी की व्यवस्था कराए जाने की मांग नगर के लोगों ने डीएम से की है।
नगर निवासी प्रद्युम्न दीक्षित, मोहम्मद अशफाक राईन, जाकिर सिद्दीकी, मौलाना खालिद रहमानी आदि ने डीएम राजेश पांडेय को शिकायती पत्र भेजकर लिखा कि इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। सुबह से ही लपट चलने लगती है और तापमान बढ़ने लगता है। नगर में दो गैस एजेंसियों का संचालन हो रहा है। जहां न तो पर्याप्त शीतल जल की व्यवस्था है और न ही छाया की व्यवस्था है। गर्मी के मौसम में महिलाएं और बुजुर्ग भी सिलिंडर भरवाने के लिए गैस एजेंसी पर पहुंचते हैं। जहां उन्हें काफी समय तक खड़ा रहना पड़ता है। छाया व ठंडे पानी व्यवस्था न होने से उन्हें परेशान होना पड़ता है। बताया कि गर्मी के चलते अधिकांश सरकारी दफ्तरों का समय बदला गया है। जबकि गैस एजेंसी अपेक्षाकृत काफी समय बाद खुलती है। ऐसे में जनहित को देखते हुए एजेंसी खुलने का समय सुबह सात बजे किया जाए। साथ ही एजेंसी संचालकों को एजेंसी स्थल पर छाया व शीतल जल की व्यवस्था करने के लिए निर्देशित किया जाए। ताकि लोगों को इस भीषण गर्मी में राहत मिल सके।

जालौन क्षेत्र में अवैध रिफलिंग का खेल,,पूर्ति निरीक्षक ने कहा होगी सख्त कार्यवाही

Jalaun news today ।जालौन नगर क्षेत्र में इन दिनों आबादी के बीच अवैध गैस रिफिलिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं और यहां सुरक्षा मानकों का पूरी तरह अभाव देखने को मिल रहा है। गर्मी के मौसम में इस तरह की लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
नगर के कुछ स्थानों पर घरेलू गैस सिलेंडरों से अवैध रूप से रिफिलिंग की जा रही है। रिफिलिंग के दौरान न तो अग्निशमन के पर्याप्त उपकरण मौजूद हैं और न ही सुरक्षा के अन्य आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। ऐसे में जरा सी चूक भी गंभीर दुर्घटना को जन्म दे सकती है, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान होने की आशंका बनी रहती है। नगर के लोगों का कहना है कि यदि इन्हें नहीं रोका गया तो भविष्य में कोई बड़ी घटना घट सकती है। वहीं, नाम न छापने की शर्त पर कुछ दुकानदारों ने बताया कि इन दिनों गैस की आपूर्ति बाधित होने के कारण उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है और रिफिलिंग का काम भी ठप पड़ा है। हालांकि, सूत्रों की मानें तो कुछ लोग चोरी-छिपे गैस रिफिलिंग का कार्य कर रहे हैं।इस संबंध में जब पूर्ति निरीक्षक सुशील कुमार से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि फिलहाल उन्हें ऐसी किसी गतिविधि की जानकारी नहीं है। जांच कराई जाएगी, यदि कहीं अवैध गैस रिफिलिंग पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अवैध सेंटरों के खिलाफ जल्द अभियान चलाकर उन्हें बंद कराया जाए, ताकि किसी भी संभावित हादसे को रोका जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।