माता पिता से बिछड़ी बच्ची के लिए मिशन शक्ति टीम ने कराया मिलन,,

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today ।जालौन क्षेत्र में परिवार से बिछड़ी बच्ची को मिशन शक्ति टीम ने माता पिता से मिलाया। माता पिता ने पुलिस टीम को धन्यवाद दिया।
बुधवार को सुबह करीब साढ़े 10 बजे एक आठ वर्ष की बच्ची देवरी गांव के पास रोती हुई जा रही थी। ग्रामीणों ने परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया लेकिन पता नहीं चला। जिसके बाद उन्होंने बच्ची को कोतवाली पुलिस को सौंप दिया। मिशन शक्ति टीम प्रभारी संजय यति के निर्देश पर टीम की सदस्य सरिता देवी ने बच्ची को महिला हेल्प डेस्क में बैठाकर उससे जानकारी ली तो बच्ची ने अपना नाम वैष्णवी, पिता का नाम धर्मजीत, माता का नाम विनीता एवं भाई का नाम कार्तिक व उरई की रहने वाली बताया। उक्त बच्ची व उसके परिजनों की जानकारी के लिए टीम ने जिला नियंत्रण केंद्र एवं सोशल मीडिया के कई प्लेटफार्म पर पूर्ण विवरण अंकित कर प्रसारित किया गया। कुछ ही घण्टे में कोतवाली में सिकरीराजा निवासी बच्ची के पिता धर्मजीत, मां विनीता कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने पूंछतांछ में बताया कि उनकी बेटी सुबह नौ बजे से अपने घर से बिना बताए कही चली गयी थी। उसकी तलाश आप पास की गई तो पता नहीं चला। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से उन्हें जानकारी हुई कि बेटी कोतवाली में है। पुलिस ने वैष्णवी को उसके माता पिता के सुपुर्द किया और बच्ची की देखभाल की हिदायत दी।

मिशन शक्ति टीम ने सुलझाया ये पारिवारिक विवाद मामला

जालौन। कोतवाली में पारिवारिक विवाद का एक मामला मिशन शक्ति टीम की तत्परता और संवेदनशील पहल से सुलझा लिया गया।
रापटगंज निवासी वंदना राठौर पत्नी भगवान सिंह ने अपने पति पर मारपीट का आरोप लगाते हुए कोतवाली में शिकायत की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए मिशन शक्ति केन्द्र प्रभारी एसएसआई संजय कुमार यती ने तत्काल दोनों पक्षों को बुलाया। प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों की जांच महिला चौकी प्रभारी मधू देवी एवं एसआई राम किशोर सिंह द्वारा कराई गई। जांच के दौरान दोनों पक्षों से अलग-अलग एवं संयुक्त रूप से वार्ता की गई। पीडिता वंदना राठौर ने बताया कि पति द्वारा अक्सर उसके साथ मारपीट की जाती है। जिसके बाद उसने कोतवाली में शिकायत की। वहीं पति भगवान सिंह ने भविष्य में इस प्रकार की घटना न दोहराने और पत्नी के साथ सम्मानपूर्वक पारिवारिक जीवन यापन करने का आश्वासन दिया। दोनों पक्षों की सहमति से मामला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ गया और दोनों पक्ष शांतिपूर्ण तरीके से साथ रहने को राजी हो गए। अंततः पुलिस की सूझ बूझ से एक परिवार बिखरने से बच गया।