हो चुकी नौतपा की शुरुआत,, ज्योतिषाचार्य ने कही यह बात

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । तपती गर्मी के बीच बीते सोमवार से नौतपा की शुरुआत हो चुकी है। इस नौ दिवसीय कालखंड को गर्मी का सबसे तीव्र और प्रभावी चरण माना जाता है। माना जाता है कि इन नौ दिनों में सूर्य पृथ्वी के अत्यंत निकट आ जाता है, जिससे तापमान में तेजी से वृद्धि होती है।
ज्योतिषाचार्य देवेंद्र दीक्षित बताते हैं कि ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, उसी समय से नौतपा की शुरुआत मानी जाती है। बीते सोमवार से नौ दिवसीय नौतपा की शुरूआत हो चुकी है। इस काल को गर्मी का चरम काल कहा जाता है, क्योंकि सूर्य रोहिणी नक्षत्र में अपनी उच्च उष्मा के साथ प्रवेश करता है, जिससे मौसम में सूखापन, गर्म हवाएं (लू) और तापमान में अत्यधिक वृद्धि होती है। नौतपा के दौरान पृथ्वी की नमी सूखने लगती है और वायुमंडल में तपिश बहुत बढ़ जाती है। इस समय आकाश से जैसे अंगारे बरसते हैं। खेती के लिए यह समय चुनौती भरा होता है। मान्यता यह भी है कि अगर नौतपा में अच्छी गर्मी पड़ी तो आने वाला मानसून अच्छा रहेगा। शिक्षक मंगल सिंह चौहान बताते हैं कि मौसम वैज्ञानिकों की राय में नौतपा वैज्ञानिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इस दौरान सूरज की किरणें लगभग सीधे पृथ्वी पर गिरती हैं, जिससे तापमान में भारी बढ़ोतरी होती है। इससे धरती की ऊपरी परत गर्म होकर बाद में मानसूनी हवाओं को ऊपर उठाने में सहायक होती है। इसका असर जून के अंत तक देखने को मिलता है, जब मानसून के पहले चरण की शुरुआत होती है। डॉ. एमपी सिंह कहते हैं कि नौपता में धूप के सीधे संपर्क में आने से बचें। चेहरे को बार बार धोते रहें। यदि बाहर निकलना हो सिर और कान ढकें आंखों पर चश्मा लगाएं। पानी और ओआरएस का घोल पीते रहें।