यूपी के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में नन्द बाबा दुग्ध मिशन की राज्य स्तरीय संचालन समिति की 6वीं बैठक सम्पन्न

मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों से जुड़ी महिला लाभार्थियों को मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के अंतर्गत दी जाए विशेष प्राथमिकता

Lucknow news today । यूपी के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में नन्द बाबा दुग्ध मिशन की स्टेट स्टीयरिंग कमेटी की 6वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की वर्षवार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में आ रही व्यवहारिक कठिनाइयों के समाधान हेतु कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में मुख्य सचिव ने वित्तीय वर्ष 2023-24 से संचालित प्रमुख योजनाओं यथा मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना, नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना, मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना एवं मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के लंबित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति आगामी दो माह के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा किसानों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मुख्य सचिव ने मिशन के अंतर्गत गोबर गैस एवं सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हाइड्रोपोनिक फॉडर को एक व्यवहारिक विकल्प के रूप में विकसित करने पर भी बल दिया। उन्होंने प्रदेश में पशु मेलों के आयोजन तथा लाभार्थियों के नियमित प्रशिक्षण को मिशन की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए इस दिशा में विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु नन्द बाबा दुग्ध मिशन की 44,938 लाख रुपये (449.38 करोड़ रुपये) की कार्ययोजना को अनुमोदन प्रदान किया गया।
अनुमोदित कार्ययोजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के लिए भौतिक लक्ष्य 7,226 एवं वित्तीय लक्ष्य 5,781 लाख रुपये, मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के लिए भौतिक लक्ष्य 1,500 एवं वित्तीय लक्ष्य 165 लाख रुपये, नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के लिए भौतिक लक्ष्य 765 एवं वित्तीय लक्ष्य 11,695 लाख रुपये तथा मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के लिए भौतिक लक्ष्य 3,461 एवं वित्तीय लक्ष्य 21,364 लाख रुपये शामिल है।


इसके अतिरिक्त प्रदेश में संचालित दुग्ध मार्गों की अनाच्छादित ग्राम पंचायतों में 1,750 प्रारंभिक दुग्ध सहकारी समितियों के गठन हेतु 3,956 लाख रुपये तथा डेयरी क्षेत्र के हितधारकों के क्षमता विकास एवं प्रशिक्षण के लिए 11,837 लाभार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु 658 लाख रुपये के वित्तीय लक्ष्य भी शामिल हैं।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रदेश में वर्तमान में कार्यरत आठ मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों से जुड़ी महिला लाभार्थियों को मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के अंतर्गत विशेष प्राथमिकता एवं लक्ष्य आवंटित किए जाएं, जिससे महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को और अधिक प्रोत्साहन मिल सके।
संचालन व्यवस्था के संबंध में निर्णय लिया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना का क्रियान्वयन प्रदेश के सभी जनपदों में दुग्धशाला विकास विभाग के माध्यम से किया जाएगा, जबकि नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना, मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना एवं मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना का संचालन पूर्व की भांति पशुपालन विभाग द्वारा किया जाएगा।
बैठक में अपर मुख्य सचिव दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम, मिशन निदेशक नन्द बाबा दुग्ध मिशन, दुग्ध आयुक्त एवं महानिदेशक मत्स्य धनलक्ष्मी के. तथा समिति के अन्य सदस्यगण तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।