जालौन तहसील में हुआ सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन, पहली बार इतने फरियादियों ने दर्ज कराई शिकायत,

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन तहसील में शनिवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता और सीओ शैलेंद्र बाजपेई की उपस्थिति में तहसील सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें पहली बार रिकॉर्ड 168 फरियादियों ने शिकायतें दर्ज कराईं। आठ शिाकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया।
तहसील सभागार में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। संपूर्ण समाधान दिवस में इस बार रिकॉर्ड 168 फरियादियों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। जिनमें राज्सव विभााग, विकास विभाग, जल संस्थान, नगर पालिका, पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग, ब्लॉक, डूडा आदि से संबंधित शिकायतें दर्ज कराई गईं। इस बार पूर्ति विभाग से संबंधित कोई भी शिकायत नहीं आई। प्राप्त शिकायतों में राजस्व विभाग की आठ शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। 24 शिकायतों के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों की टीम गठित कर तीन दिन में मौके पर जाकर उसका निस्तारण करने के निर्देश ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने अधिकारियों को दिए। इस दौरान कई फरियादी ऐसे भी रहे जो पूर्व में भी शिकायत कर चुके थे, लेकिन उनकी शिकायतों का निस्तारण नहीं हुआ अथवा निस्तारित की गई शिकायतों से वह संतुष्ट नहीं थे। ऐसे में एसडीएम ने अधीनस्थों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की हीला हवाली कतई बर्दाश्त नहीं होगी। शिकायत के निस्तारण में यह भी उल्लेख करें कि शिकायतकर्ता निस्तारण से संतुष्ट है अथवा नहीं।

इस मौके पर एसडीएम न्यायिक विश्वेश्वर सिंह, तहसीलदार तारा शुक्ला, ईओ सुशील कुमार, बीडीओ प्रशांत कुमार, जेई जल संस्थान आलोक श्रीवास्तव आदि रहे। संपूर्ण समाधान दिवस में काफी संख्या में फरियादियों के आने से संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन निर्धारित दोपहर दो बजे के समय के बाद भी होता रहा है। तीन बजे तक फरियादियों की समस्याओं को सुना गया। संपूर्ण समाधान दिवस में इस बार एक नई पहल की गई। संपूर्ण समाधान दिवस में जो निरक्षर व्यक्ति अपनी शिकायतें लेकर आए थे, उन्हें उनका नाम लिखना सिखाने के लिए शिक्षा विभाग से आलोक प्रताप एवं यशोवर्धन को निर्देशित किया गया। दोनों लोगों ने 10 निरक्षर व्यक्तियों को उनका नाम लिखना सिखाया। साथ ही उन्हें आगे पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया गया।

तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अव्यवस्थाएं भी रहीं। इतने अधिक फरियादी आने से कुर्सियां कम पड़ गयी दिव्यांग और बुजुर्ग फारियादियों के अलावा महिला फरियादियों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो सकी सभागार में फरियादियों के लिए बहुत कम कुर्सियां ही पड़ी दिखाई दीं। लोगों को डेढ़ से दो घंटों तक लाइन खड़ा होना पड़ा।