रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन के ग्राम भदवां में आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास पंडित अशोक शास्त्री ने ध्रुव और प्रहलाद के चरित्र का वर्णन किया।
पंडित अशोक शास्त्री ने तीसरे दिन की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि मन में विश्वास और भगवान के प्रति श्रद्धा होने पर परमात्मा उसकी हर संभव रक्षा करते हैं, जैसे ध्रुव ने आठ वर्ष की आयु में ही भगवान की प्राप्ति कर ली। लक्ष्य की प्राप्ति के लिये सिर्फ दृढ निश्चय होकर उस ओर लगन से काम करते रहने की जरुरत, जैसे ध्रुव ने किया। प्रहलाद चरित्र वर्णन करते हुए कहा कि प्रहलाद के पिता हिरणाकश्यप द्वारा प्रहलाद को नाना प्रकार के कष्ट दिए गए लेकिन भगवान की प्रति सच्ची श्रद्धा और विश्वास के चलते उन्होंने अपना लक्ष्य नही छोडा और भगवान नारायण का जाप किया और ईश्वर ने उनकी हर मोड पर सहायता की। पिता ने प्रहलाद को जहर दिया, हाथी से कुचलवाया, नदी में फिकवाया यहां तक कि आग में जलवाया भी लेकिन हर जगह भगवान ने उनकी रक्षा की। अंत में अपने भक्तों की रक्षा के लिए उन्होंने नरसिंह रूप धारण किया और हिरणाकश्यप का वध किया। इस मौके पर पारीक्षित रमादेवी, सत्यप्रकाश निरंजन, विजयशंकर, अंबिका प्रसाद, रामनरेश, बृजकिशोर, अवध किशोर, रामप्रताप, राजकुमार, किशोर सिंह, गुलाब सिंह पटेल, चंद्रमोहन, अनिल, विश्वजीत आदि रहे।






