रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर क्षेत्र में संचालित कोल्ड स्टोरेज का ज्वाइंट मजिस्ट्रेट द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कमियां मिलने पर अधिकारियों ने संबंधित संचालकों को 15 दिनों में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही के नेतृत्व में मुख्य अग्निशमन अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, नलकूप विभाग और उद्यान विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने ग्राम भिटारा स्थित बेतवा आइस एंड कोल्ड स्टोरेज प्राइवेट लिमिटेड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अग्निशमन व्यवस्था की जांच की गई। परीक्षण के समय फायर हाइड्रेंट प्रणाली संतोषजनक रूप से कार्य करती नहीं पाई गई। मौके पर दस्तावेज न मिलने पर उनका परीक्षण नहीं हो सका। अधिकारियों ने कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन को 15 दिनों में आवश्यक सुधार के निर्देश दिए हैं। इसके बाद अधिकारियों ने ग्राम भिटारा स्थित मिथिला कोल्ड स्टोरेज का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि मटर का भंडारण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया गया था। शासन की व्यवस्था के अनुसार एक रैक में निर्धारित संख्या से अधिक बोरियां रखी गई थीं। इसके अलावा ड्राई बल्ब थर्मामीटर उपलब्ध नहीं मिला और भंडारण संबंधी कुछ अभिलेख और कृषक अधिकार पत्र भी नहीं मिले। निरीक्षण के दौरान फायर पंप कार्यशील नहीं पाया गया और अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता भी नहीं थी। इसके अलावा बी-सेट की व्यवस्था नहीं मिली। अमोनिया प्लांट के निरीक्षण में भी आवश्यक परीक्षण एवं रखरखाव से संबंधित अभिलेख मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके। निरीक्षण के बाद टीम ने व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश दिए हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही ने बताया कि नगर में स्थित दो कोल्ड स्टोरेज का निरीक्षण किया गया। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रेषित की गई है।
जालौन के इस गांव के लोगों ने दिया एसडीएम को शिकायती पत्र, यह बताई समस्या
जालौन। बरसात शुरू होते ही ग्राम सोनई परवई गांव में जलभराव की समस्या विकराल हो जाती है। गांव के पास नाला अधूरा छोड़ दिए जाने से बरसात का पानी निकासी न होने से सड़कों पर भर जाता है। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में भारी दिक्कत हो रही है और संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ रहा है। ग्रामीण ने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर समस्याओं के समाधान की मांग की है।
विकास खंड के ग्राम सोनई परवई निवासी दीपक कुमार दोहरे ने एसडीएम रिंकू सिंह राही को शिकायती पत्र देकर बताया कि गांव के पास एक नाला बनाया गया था। पंचायत क्षेत्र की खुदाई के लिए मनरेगा से लाखों रुपये का बजट में स्वीकृत हुआ था। नाला पक्का होना था, लेकिन खुदाई का काम अधूरा छोड़कर ठेकेदार चला गया। नतीजा यह हुआ कि बरसात में खेतों और गांव का पानी नाले से न निकलकर गलियों में भर जाता है। इसकी शिकायत प्रधान से कई बार करने के बाद भी नाले की सफाई नहीं कराई गई। गांव में गंदगी पड़ी है, सफाई नहीं हो रही। कुछ लोग अपने जानवरों को आम रास्ते पर बांध देते हैं और गोबर-कचरा नालियों में फेंक देते हैं, जिससे पानी का बहाव भी रुक गया है। नाले में कूड़ा-कचरा भरने से दुर्गंध फैल रही है। जलभराव की वजह से मच्छर पनप रहे हैं। डायरिया, मलेरिया, दिमागी बुखार जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं। उन्होंने एसडीएम से मांग करते हुए कहा कि गांव में व्याप्त अवस्थाओं में सुधार लाया जाए।







