जालौन में भारतीय खेत एवं मजदूर सभा ने किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन, यह की मांग

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today ।जालौन में गुरुवार को अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा ने प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत ब्लॉक मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित छह सूत्रीय ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपा।
अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के कार्यकर्ता कांशीराम, रामसिंह चौधरी, राजीव कुशवाहा, प्रेम सिंह, रमेश चंद्र, सुरेंद्र कुमार, संपूर्णानंद, शिवबालक बाथम, रामबाबू, आशाराम आदि ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन खंड विकास अधिकारी प्रशांत यादव को सौंपकर बताया कि आज के दौर की महंगाई में मनरेगा के तहत 252 रुपये न्यूनतम मजदूरी ग्रामीण मजदूरों के जीवन यापन के लिए काफी नहीं है। इसलिए राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी आजीविका मिशन में न्यूनतम मजदूरी 729 रुपये प्रतिदिन तय की जाए। साथ ही मनरेगा की जगह लागू किए जा रहे विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सभी जॉब कार्ड धारकों को काम उपलब्ध कराया जाए और 18 वर्ष से ऊपर के सभी मजदूरों के लिए नए जॉब कार्ड बनाए जाएं। बिजली के मुद्दे पर संगठन ने दिल्ली, पंजाब, कर्नाटक और तमिलनाडु का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में 200 यूनिट बिजली मुफ्त देने और बढ़े हुए बिजली बिल तत्काल वापस लेने एवं स्मार्ट मीटर पर रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीण गरीबों पर कर्ज के बोझ को लेकर कहा कि माइक्रोफाइनेंस कंपनियों और निजी सूदखोरों ने आरबीआई की गाइडलाइन का उल्लंघन कर मोटे ब्याज पर कर्ज देकर लोगों को कर्ज के जाल में फंसा दिया है। संगठन ने दो लाख रुपये तक के ऐसे सभी कर्ज ब्याज सहित माफ करने और भविष्य में लेन-देन में आरबीआई गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने की मांग की है। इसके अलावा सीलिंग, बंजर और परती आबादी की जमीन पर वर्षों से बसे गरीब परिवारों को उजाड़ने के बजाय पट्टा देकर उनका विनियमितिकरण करने और पूरे ग्रामीण अंचल में शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी मांग भी की।

अतिक्रमण की वजह से गंदा पानी पीने को मजबूर हैं इस गांव के लोग,एसडीएम को  शिकायती पत्र देकर की समाधान की मांग

जालौन। विकास खंड कुदौंद के ग्राम जुगराजपुर में तालाब और जलकल परिसर पर हुए अतिक्रमण की वजह से पूरे गांव को गंदा और मटमैला पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर तालाब व जलकल परिसर से अतिक्रमण हटाकर स्वच्छ जल आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है।
जुगराजपुर निवासी ग्रामीण सुरेंद्र सिंह, रामनरेश, राजेंद्र सिंह, राजू सिंह, योगेंद्र सिंह, जयदीप सिंह, शिवम सिंह, राकेश सिंह और भारत सिंह आदि ने एसडीएम रिंकू सिंह राही को शिकायती पत्र देकर बताया कि कि गांव के कुछ लोगों ने तालाब पर कब्जा कर लिया है। कई बार नापतोल हो चुकी है, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया। तालाब पर कब्जे की वजह से उसकी पानी भरने की क्षमता खत्म हो गई है। बताया कि तालाब का पानी सीधे जलकल परिसर में पहुंच रहा है, लेकिन जलकल परिसर पर भी लोगों ने कब्जा कर रखा है। मलवायुक्त गंदगी भरा पानी सप्लाई लाइन के जरिए सीधे घरों तक पहुंच रहा है। मजबूरी में ग्रामीण उसी गंदे पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने एसडीएम से मांग की है कि गांव के जलकल के पास स्थित तालाब और जलकल परिसर को पूर्णतः अतिक्रमण मुक्त कराया जाए ताकि उन्हें स्वच्छ पानी मिल सके।