रिपोर्ट बबलू सेंगर
Jalaun news today । विश्व शांति और मानव कल्याण का संकल्प लेकर चारधाम की पैदल यात्रा पर निकले श्रीमहावीर हनुमान मंदिर, कुठौंदा के पीठाधीश्वर महंत रामेश्वरदास महाराज के 88 दिन बाद यात्रा पूर्ण कर वापस लौटने पर ग्राम बंगरा से लेकर कुठौंदा तक श्रृद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने जगह जगह बैंड-बाजों, पुष्पवर्षा और माल्यार्पण के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
महंत रामेश्वर दास महाराज 24 अप्रैल को ग्राम कुठौंदा स्थित प्राचीन एवं सिद्धपीठ श्रीमहावीर हनुमान मंदिर, से चारधाम की पैदल यात्रा पर निकले थे। उन्होंने बताया कि यात्रा का उद्देश्य विश्व शांति, मानव कल्याण और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार का संदेश देना था। इस कठिन यात्रा में उनके साथ महंत सत्यनारायण दास, महंत विशंभर दास और संत संतराम पांडेय भी शामिल रहे। करीब 88 दिनों की इस पदयात्रा के दौरान उन्होंने पहाड़ों की कठिन चढ़ाइयों, बारिश, भीषण गर्मी जैसी विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए चारों धाम के दर्शन किए। यात्रा पूर्ण होने के बाद उनके आगमन की सूचना मिलते ही श्रद्धालुओं ने स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी थीं। बंगरा चौराहा और कुठौंदा में प्रवेश मार्ग को दुल्हन की तरह सजाया गया। बंगरा पहुंचते ही महंत रामेश्वर दास महाराज का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद बैंड-बाजों और वाहनों के लंबे काफिले के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। रास्ते भर श्रद्धालु जय श्रीराम और जय हनुमान के उद्घोष करते रहे। श्रीमहावीर हनुमान मंदिर पहुंचकर महंत भावुक हो गए और अपने आराध्य के चरणों में नतमस्तक होकर यात्रा की सफलता के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्राएं केवल तीर्थ दर्शन तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि, सेवा, संयम और समाज में सद्भाव का संदेश भी देती हैं। इस मौके पर महेशचंद्र पांडेय, चित्रांगद पांडेय, जुडावन सिंह चौहान, श्यामजी शर्मा, रामनरेश द्विवेदी, दुर्गाचरण हरदैनिया आदि रहे।





