मेडिकल कालेज में आने वाले मरीजों का बेहतर स्वास्थ्य सेवायें मिलेगी
ऑफ लाइन पर्चा बनवाने की भी व्यवस्था से परेशानियों हुई खत्म
Orai / jalaun news today । जालौन के राजकीय मेडिकल कालेज में जिस उम्मीद के साथ मरीज आते हैं ऐसे में चिकित्सकों की जिम्मेदारी बनती है कि वह उपचार के लिये आये मरीजों का उपचार दौरान किसी भी तरह से भेदभाव न बरतें। सभी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिले यही हम सभी की प्रथम प्राथमिकता रहेगी। उक्त बात मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य डा. महेंद्र सिंह ने एक भेंटवार्ता के कही।
उन्होेंने कहा कि उनका पहला प्रयास होगा कि राजकीय मेडिकल कालेज में बेहतर व्यवस्थायें मरीजों को दिलाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे मेडिकल कालेज में आने वाले मरीज जिस उम्मीद के अपना उपचार कराने आते हैं उनकी उम्मीदों पर शत प्रतिशत खरा उतरना ही होगा। डा. सिंह ने बताया कि मेडिकल कालेज में पंखा, कूलर, लाइट की व्यवस्था को शत प्रतिशत पूरा किया जा चुका है। इसीक्रम में हाॅस्टल नंबर 5, 6 व 8 की सफाई कराकर वहां आसपास वृक्षारोपण कराया गया ताकि वहां रहकर पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं को बेहतर स्वच्छ पर्यावरण का एहसास मिल सके। उन्होंने कहा कि जैसे ही उनके पास मरीजों की आॅनलाइन पर्चा बनाने को लेकर दिक्कतें आती थी इसको देखकर उन्होंने आॅफ लाइन पर्चा बनाने की नई व्यवस्था की शुरूआत करवा दी है। ताकि कोई भी मरीज उपचार के अभाव में मेडिकल कालेज से वापस न लौटे। उन्होंने बताया कि राजकीय मेडिकल कालेज में अनेकों ऐसे भी मरीज आते हैं जो महंगे प्राइवेट अस्पतालों में अपना उपचार कराने में सक्षम नहीं होते ऐसे मरीजों को बेहतर उपचार मिले इसके लिये उन्होंने सभी चिकित्सकों को निर्देश जारी कर दिये हैं। प्रधानाचार्य डा. महेंद्र सिंह ने बताया कि वह प्रतिदिन हाॅस्टल, इमरजेंसी, ओपीडी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के प्रयासों में जुटे हुये हैं।
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बालिका के पैर टूटने के मामले में तीन सदस्यीय टीम गठित
उरई। राजकीय मेडिकल कालेज में पिछले दिनों थेरेपी कराने अपने पिता प्रहलाद सिंह के साथ गयी बालिका माही सिंह की थेरेपी के दौरान टैक्नीशियन द्वारा बरती गयी लापरवाही के चलते बालिका का पैर टूटने के प्रकरण की शिकायत कालेज के प्रधानाचार्य को मिली तो उन्होंने तत्काल मामले का संज्ञान लेकर तीन सदस्यीय टीम का गठन कर तीन-चार दिन में जांच आख्या देने के निर्देश दिये। उक्त जानकारी प्रधानाचार्य डा. महेंद्र सिंह ने देते हुये बताया कि तीन सदस्यीय टीम में मेडिसन, आर्थों, बाल रोग विशेषज्ञ शामिल किए गये हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की लापरवाही को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने यह भी बताया कि वह इस बात की भी जांच करवा रहे हैं कि ओपीडी के पर्चे पर आर्थों चिकित्सक ने कैसे थेरेपी कराने की सलाह दी। यह भी जांच के बिंदु में शामिल है। इसके साथ ही संबंधित चिकित्सक से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। जैसे ही तीन सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट आख्या आयेगी उसी के अनुरूप व दोषियों पर कार्यवाही करने में तनिक भी देरी नहीं करेंगे।





