Lucknow news today ।आजादी के 80 साल बाद भी हमारे देश में कहीं-कहीं जातिगत भेदभाव की घटनाएं आज भी देखने को मिल रही है । ऐसा ही एक आरोप यूपी की राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद से भाजपा विधायक जय देवी कौशल ने रूढ़िवादियों पर लगाया है। मीडिया से बात करते हुए भाजपा विधायक में कहा कि वह एक मंदिर के जीर्णोद्धार कार्यक्रम में गई थी जहां पर उन्हें पूजा नहीं करने दिया गया।
मीडिया से कही यह बात
बता दे आपको यूपी की राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र में रहने वाले पूर्व सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर की पत्नी जयदेवी कौशल वर्तमान में लखनऊ के मलिहाबाद विधानसभा सीट से भाजपा की विधायक हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा की वह अपने क्षेत्र में एक मंदिर के जीर्णोद्धार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गई थी क्योंकि आयोजकों ने उनसे समय मांगा था और इस वजह से वह उसे मंदिर के जीर्णोद्धार कार्यक्रम में गई। भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि वहाँ पर पहुँचने पर न उनसे कोई पूजा नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि जब एक आयोजक ने उनसे कहा कि आरती कर दीजिए तब वहां मौजूद अन्य लोगों ने यह कहकर उन्हें आरती नही करने दी कि आरती हो गई। उन्होंने कहा उनके साथ जातिगत भेदभाव किया गया है जिसकी शिकायत वह आलाकमान से करेंगी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने मीडिया से कही यह बात
इस सम्बंध में पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर ने कहा, “भाजपा विधायक ने 78 लाख रुपए काकोरी के शीतला मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए और कुछ अन्य निर्माण वहां जो होना है उसके लिए पत्र लिखकर पास कराया और 70 लाख एक अन्य मंदिर के लिए पास कराया। दोनों जगह का शिलान्यास और भूमिपूजन होना था जो काकोरी के शीतला मंदिर का भूमिपूजन होना था उसमें विधायक जी को बैठने नहीं दिया गया। ये पिछली बार की एक घटना वहां पर घटी थी उस जगह पर कुछ लोगों ने एकाधिकार बनाकर रखा था वहां पर पिछले बार एक कांड हुआ था जिस पर मुकदमा हुआ था और कार्रवाई हुई थी वही वहां पर मौजूद थे जिन्होंने पूजा नहीं करनी दी। जनप्रतिनिधि को इग्नोर करने का जो काम किया गया। ऐसा लगता है ये पिछला गुस्सा है या कोई जातिवादी गुस्सा है इस तरीके से जो किया गया वो निंदनीय घटना है…इस संबंध में मैं आलाकमान से बात करूंगा और पार्टी के जो बड़े नेता है उनको भी पत्र लिखकर बात करूंगा। सीएम को भी इस संबंध में अवगत कराने का काम करूंगा…”





