सांप काटने पर घबराने की बजाय करें ये उपाय,, डॉ ने विस्तार से दी जानकारी

Oplus_131072

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । बारिश के दौरान सांप बिलों से बाहर निकलकर सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में घरों, खेतों, झाड़ियों तथा आसपास के स्थानों पर पहुंच जाते हैं। ऐसे में सर्पदंश की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. केडी गुप्ता ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सांप के काटने पर घबराने के बजाय पीड़ित को तत्काल चिकित्सकीय सहायता दिलाना सबसे जरूरी है। सर्पदंश एक मेडिकल इमरजेंसी है और समय पर उपचार मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है।
डॉ. केडी गुप्ता ने बताया कि सर्पदंश के उपचार में एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) महत्वपूर्ण है, जो सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध कराया जाता है। सांप काटने के बाद मरीज को किसी झाड़-फूंक करने वाले या झोलाछाप के पास ले जाने के बजाय सीधे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाना चाहिए। उपचार में देरी होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। उन्होंने बताया कि सर्पदंश के बाद पीड़ित को शांत और स्थिर रखना चाहिए। जिस अंग पर सांप ने काटा है, उसे कम से कम हिलाने की कोशिश करनी चाहिए। यदि हाथ या पैर में अंगूठी, कड़ा, घड़ी, जूते या कोई अन्य कसी हुई वस्तु हो तो उसे तत्काल हटा देना चाहिए, क्योंकि सर्पदंश के बाद सूजन बढ़ सकती है। सांप के काटने के स्थान पर चीरा लगाना, जहर चूसने का प्रयास करना अथवा कसकर रस्सी या कपड़ा बांधना नुकसानदायक हो सकता है। इससे संक्रमण होने और रक्त प्रवाह प्रभावित होने का खतरा रहता है। इसी तरह घरेलू नुस्खों, झाड़-फूंक या देशी उपचार में समय गंवाना भी जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसी घटनाओं से बचने के लिए बारिश के मौसम में खेतों, कच्चे मकानों, लकड़ी या पत्थरों के ढेर और झाड़ियों के आसपास विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। रात के समय बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करें और बिना देखे किसी अंधेरे स्थान में हाथ न डालें। घरों के आसपास साफ-सफाई रखें और ऐसे स्थानों पर जमा कबाड़ को हटाएं जहां सांप छिप सकते हैं।