रिपोर्ट बबलू सेंगर
Jalaun news today ।जालौन में बुधवार की रात सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने मोहल्ला सहावनाका पहुंचकर मृतक प्रदीप कुमार के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने मृतक की पत्नी शीला देवी से घटना की जानकारी ली और उन्हें हरसंभव मदद तथा न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। इस दौरान विधायक ने परिवार की आर्थिक स्थिति और बच्चों के बारे में भी जानकारी ली।
मृतक की पत्नी शीला देवी ने विधायक को घटना से जुड़ी पूरी जानकारी देते हुए बताया कि पति की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिवार में छोटे बच्चों की जिम्मेदारी और सबसे छोटे बेटे धीरज के इलाज की भी चुनौती है। इस पर सदर विधायक ने कहा कि वह अपने मकान में ही रहें और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। विधायक ने परिवार को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में वह उनके साथ खड़े हैं। विधायक ने सात माह के बीमार बेटे धीरज के स्वास्थ्य की जानकारी भी ली। उन्होंने बच्चे का ग्वालियर में चल रहा इलाज कराने में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। विधायक के इस आश्वासन से परिजनों ने राहत महसूस की। इसी दौरान मोहल्ला सहावनाका निवासी आसमा खातून और मोहल्ला चिमनदुबे निवासी माता प्रसाद ने भी सदर विधायक को शिकायती पत्र सौंपे। दोनों ने आरोप लगाया कि राजबहादुर यादव ने उनके साथ भी इसी प्रकार धोखाधड़ी करते हुए उनकी जमीन अपने नाम लिखवा ली, लेकिन जमीन के बदले मिलने वाली धनराशि उन्हें नहीं दी गई। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराकर न्याय दिलाने की मांग की। दोनों पीड़ितों की शिकायत सुनने के बाद सदर विधायक ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी पीड़ितों की शिकायतों को पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखा जाएगा और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने के लिए अधिकारियों से बात की जाएगी।
मृतक के परिजनों का आरोप
जालौन। मृतक परिजनों ने आरोप लगाया कि राजबहादुर मूल रूप से जालौन के निवासी नहीं हैं, बल्कि कानपुर देहात क्षेत्र के रहने वाले हैं। काफी समय पहले वह रिश्तेदारी के चलते जालौन आए थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, उस समय उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, लेकिन पिछले करीब दो दशकों में उन्होंने करोड़ों रुपये की संपत्ति कर ली है। आरोप है कि ब्याज पर रुपये देने का लाइसेंस न होने के बाबजूद काफी अधिक ब्याज पर वह रुपये देता था। रुपये देरी से मिलने या ब्याज न मिलने पर वह उनकी संपत्ति को हड़प लेता था। यदि उसकी चल-अचल संपत्तियों की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराई जाए तो कई तथ्य सामने आ सकते हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि जांच आगे बढ़ने पर उनकी चल-अचल संपत्तियों और संपत्ति अर्जित करने के स्रोतों का भी ब्योरा जुटाया जाता है।










