ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर चयनित हुई दो सहेलियां,, बचपन से ही रहा दोनों का साथ

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । बचपन से साथ पढ़ीं, एक ही स्कूल में शिक्षा हासिल की और सरकारी सेवा में जाने का सपना भी एक जैसा देखा। अब जब ग्राम पंचायत अधिकारी परीक्षा का परिणाम आया तो दोनों सहेलियों का यह सपना भी एक साथ पूरा हो गया। नगर के मोहल्ला चुर्खीबाल निवासी साक्षी त्रिपाठी और सुरभि अवस्थी ने ग्राम पंचायत अधिकारी की परीक्षा में सफलता हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि नगर का भी नाम रोशन किया है। दोनों सहेलियों की एक साथ हुई सफलता पर परिजनों और परिचितों में खुशी का माहौल है।
साक्षी त्रिपाठी और सुरभि अवस्थी ने बचपन से ही एक साथ शिक्षा प्राप्त की। दोनों ने प्राथमिक शिक्षा से लेकर इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई नगर में ही की। इसके बाद उच्च शिक्षा भी दोनों ने नगर में रहकर पूरी की। पढ़ाई के दौरान दोनों के बीच गहरी दोस्ती रही और दोनों ही एक-दूसरे को पढ़ाई के लिए प्रेरित करती रहीं। सरकारी नौकरी हासिल करने का सपना भी दोनों ने साथ देखा और उसे पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करती रहीं। वर्ष 2025 में आयोजित ग्राम पंचायत अधिकारी परीक्षा में दोनों सहेलियों ने प्रतिभाग किया। परीक्षा के बाद दोनों को परिणाम का इंतजार था। हाल ही में परिणाम घोषित हुआ तो साक्षी और सुरभि दोनों ने सफलता हासिल कर ली। एक ही परीक्षा में दोनों की सफलता की खबर मिलते ही उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई। परिचितों और शुभचिंतकों ने भी दोनों को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साक्षी त्रिपाठी की सफलता के पीछे उनकी मां कल्पना त्रिपाठी के संघर्ष की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। साक्षी के पिता अज्जू त्रिपाठी का करीब 15 वर्ष पहले निधन हो गया था। इसके बाद मां कल्पना त्रिपाठी ने तमाम कठिनाइयों के बावजूद बेटी की परवरिश की और उसकी पढ़ाई में किसी तरह की कमी नहीं आने दी। उन्होंने बेटी के सपनों को पूरा करने के लिए हर संभव सहयोग किया। साक्षी के मामा आशीष द्विवेदी, जो बीएसएफ में बंगाल में तैनात हैं, ने भी समय-समय पर उसका हौसला बढ़ाया और पढ़ाई में सहयोग किया। वहीं किसान आदर्श अवस्थी की बेटी सुरभि अवस्थी ने अपनी सफलता का श्रेय माता और पिता को दिया है। सुरभि का कहना है कि मां ने हमेशा उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और कठिन परिस्थितियों में भी उसका हौसला कम नहीं होने दिया।