रिपोर्ट बबलू सेंगर
Jalaun news today । नई दिल्ली में समाचार संकलन के दौरान महिला पत्रकारों के साथ पुलिस द्वारा कथित मारपीट और अभद्रता के विरोध में डिस्ट्रिक्ट प्रेस क्लब के तत्वावधान में राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम राकेश कुमार सोनी को सौंपा गया। पत्रकारों ने घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और देशभर में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पत्रकार सुरक्षा आयोग के गठन की मांग की।
डिस्ट्रिक्ट प्रेस क्लब तहसील अध्यक्ष जितेंद्र सिंह सेंगर बबलू व नगर अध्यक्ष विष्णु अग्रवाल के साथ संरक्षक आलोक खन्ना व शाकिर हसन वारिसी के नेतृत्व में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को संबोधित ज्ञापन एसडीएम राकेश कुमार सोनी को सौंपकर बताया कि समाचार संकलन के दौरान महिला पत्रकार शाहीन खान एवं नफीसा खान के साथ पुलिस द्वारा मारपीट और अभद्रता की घटना बेहद निंदनीय है। पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाने और समाज तक समाचार पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। ऐसे में समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों के साथ मारपीट, अभद्रता, उत्पीड़न अथवा भय का वातावरण स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए उचित नहीं है। पत्रकारों ने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि घटना के वास्तविक तथ्यों का पता चल सके। जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग एवं अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए, जिससे किसी भी महत्वपूर्ण साक्ष्य के नष्ट होने की संभावना न रहे। साथ ही घटना में शामिल पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में महिला पत्रकारों का स्वतंत्र एवं सम्मानजनक तरीके से चिकित्सकीय परीक्षण कराए जाने और उन्हें आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक संरक्षण उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। पत्रकारों ने कहा कि समाचार कवरेज के दौरान किसी भी पत्रकार, विशेषकर महिला पत्रकार, के साथ अभद्रता, मारपीट अथवा उत्पीड़न की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए। देशभर के पत्रकारों को सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने की मांग करते हुए केंद्र सरकार से पत्रकार सुरक्षा आयोग का गठन करने की मांग की गई। कहा कि आयोग को पत्रकारों के साथ मारपीट, धमकी, उत्पीड़न और अन्य घटनाओं से संबंधित शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेने और आवश्यक कार्रवाई की अनुशंसा करने का अधिकार दिया जाना चाहिए। महिला पत्रकारों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रोटोकॉल और प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था लागू करने की मांग भी की गई। पत्रकारों ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और उनकी गरिमा की रक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है। इस दौरान पत्रकार एकता के समर्थन में नारे भी लगाए गए। इस मौके पर धर्मेंद्र सिंह चौहान, ब्रह्मम किशोर श्रीवास्तव, बृजेश उदैनियां, सुनील श्रीवास्तव, देवेश स्वर्णकार, कपिल सोनी, रामकेश साहू, राजेंद्र बाथम, जावेद अख्तर, अनुराग अग्रवाल, पवन याज्ञिक, अनिल गुप्ता, लोकेंद्र कुमार, श्याम करण, कौशल किशोर श्रीवास्तव, देवेश स्वर्णकार, लकी तोमर, सतेंद्र कुमार, आलोक शर्मा, अरूण कुमार, राहुल कुमार, सुशील श्रीवास्तव, प्रदीप गुप्ता, आशीष द्विवेदी, अनिल प्रजापति, राहुल आदि मौजूद रहे।





