पितृपक्ष में जालौन के बाजारों से गायब रही रौनक,,

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । माना जाता है कि पितृ पक्ष में कोई नया कार्य करना अथवा नई वस्तु खरीदना शुभ नहीं होता है। जिसके चलते पितृ पक्ष में बाजार की रौनक गायब रही। बाजार में खरीददार कम आने से दुकानदारों को खाली बैठना पड़ा। व्यापारियों के मुताबिक पितृ पक्ष गुजरने के बाद नवरात्र से उनके व्यापार में तेजी आएगी। क्योंकि पितृ पक्ष में लोग नई चीजों को खरीदने से परहेज करते हैं। पितृ पक्ष के बाद नवरात्र का शुभारंभ होने पर कोई एक दिन नहीं बल्कि नवरात्र का हर दिन शुभ माना जाता है।
सराफा व्यापारी आदित्य स्वर्णकार का कहना है कि पितृ पक्ष के कारण लोग नए आभूषण खरीदने से परहेज कर रहे हैं। जिसके चलते दिन भर दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहता है। इक्का दुक्का ग्राहक ही दुकानों पर आए। पितृ पक्ष खत्म होते ही यह सन्नाटा भी खत्म हो जाएगा। नवरात्रि के शुभ दिन आने पर दुकानों पर रौनक बढ़ जाएगी।
व्यापारी अनमोल खन्ना कहते हैं कि लोगों में मान्यता है कि पितृ पक्ष में कोई नई वस्तु खरीदना शुभ नहीं होता है। इसलिए पितृ पक्ष के दिनों में लोग खरीददारी करने से बचते हैं। अधिक आवश्यकता होने पर ही लोग आवश्यक सामान की खरीददारी करते हैं। अब पितृ पक्ष की समाप्ति पर बाजार में रौनक बढ़ेगी।
व्यापारी जाफर सिद्दीकी बताते हैं कि बाजार में पितृ पक्ष के दौरान पूरी तरह सन्नाटा पसरा नजर आया। दुकानों पर इक्का दुक्का लोग ही खरीददारी करने आए। अन्य दिनों की अपेक्षा बिक्री में 50 प्रतिशत से भी अधिक गिरावट आई है। अब नवरात्र में भरपाई होगी।
नवीन उदैनियां कहते हैं कि पितृ पक्ष के 15 दिनों में हर साल यही स्थिति रहती है। इन 15 दिनों तक व्यापारियों को खाली बैठना पड़ता है। क्योंकि बाजार में खरीददारी करने वाले काफी कम ही आते हैं। लेकिन नवरात्रि शुरू होते ही बाजार की रौनक बढ़ जाती है।