लखनऊ विश्वविद्यालय के ‘आगाज़-2026’ खेल महोत्सव का भव्य समापन, 150 टीमों ने लिया हिस्सा
Lucknow university news today । लखनऊ विश्वविद्यालय के द्वितीय परिसर में आयोजित चार दिवसीय खेल महोत्सव ‘आगाज़-2026’ का सोमवार को विश्वकर्मा सभागार में आयोजित पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह के साथ समापन हुआ। खेल महोत्सव में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों, विभागों, संबद्ध महाविद्यालयों एवं छात्रावासों की लगभग 150 टीमों ने बैडमिंटन, क्रिकेट, वॉलीबॉल एवं टग-ऑफ वॉर सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया। चार दिनों तक चले इस आयोजन में खिलाड़ियों के बीच कड़े एवं रोमांचक मुकाबले देखने को मिले।

समापन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने विभिन्न प्रतियोगिताओं की विजेता टीमों के छात्र-छात्राओं को पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिभागियों के अनुशासन, उत्साह एवं खेल भावना की सराहना करते हुए कहा कि खेल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। खेल हमें अनुशासन, धैर्य, संघर्ष, सहयोग एवं नियमों के पालन की सीख देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे खेल के मैदान में अर्जित इन गुणों को अपने जीवन में भी आत्मसात करें और धैर्य एवं अनुशासन के साथ सफलता की ओर आगे बढ़ें।
आयोजन समिति के प्रभारी प्रो. अनुराग श्रीवास्तव एवं संयोजक डॉ. उग्रसेन वर्मा ने खेल महोत्सव की सफलता को विश्वविद्यालय के द्वितीय परिसर के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि लगभग 150 टीमों की व्यापक सहभागिता वाले इस आयोजन का बिना किसी विवाद के अनुशासित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होना इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। खिलाड़ियों ने पूरे आयोजन के दौरान खेल भावना, धैर्य एवं अनुशासन का परिचय दिया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

समापन समारोह में द्वितीय परिसर के विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

चार दिवसीय ‘आगाज़-2026’ ने न केवल विद्यार्थियों को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर दिया, बल्कि विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों, विभागों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के बीच आपसी समन्वय, सौहार्द एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा दिया।






