रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन तहसील में कार्यरत लेखपालों ने एसडीएम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए डीएम को सामूहिक अवकाश का प्रार्थना पत्र सौंपा। कर्मचारियों का आरोप है कि एसडीएम द्वारा लेखपालों और अन्य कर्मचारियों के साथ किए जाने वाले अमर्यादापूर्ण व्यवहार के कारण कार्यालय का वातावरण तनावपूर्ण हो गया है, जिससे कर्मचारी मानसिक दबाव और अवसाद की स्थिति में कार्य करने को विवश हैं।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले लेखपालों ने डीएम राजेश कुमार पांडेय को दिए सामूहिक अवकाश का प्रार्थना पत्र सौंपते हुए आरोप लगाया कि एसडीएम रिंकू सिंह राही कर्मचारियों के साथ अमानवीय व्यवहार करते हैं और आम जनता के सामने उन्हें भ्रष्ट बताकर अपमानित करते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बिना किसी ठोस कारण के निलंबन और बर्खास्तगी की धमकी दिए जाने से पूरे कार्यालय में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। बताया कि 30 मई 2026 को स्थानांतरित किए गए पांच लेखपालों को उच्चाधिकारियों के आदेश के बावजूद अब तक कार्यमुक्त नहीं किया गया है। इसके अलावा 27 जून को आयोजित थाना दिवस के दौरान लेखपाल शिवम द्विवेदी पर बिना किसी आधार के रिपोर्ट दर्ज कराने का दबाव बनाया गया, जिससे वह मानसिक तनाव में हैं। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि नायब नाजिर भानुमती को भी लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। आरोप लगाया कि शासन के निर्देशों के विपरीत निजी ऑपरेटरों से जनसुनवाई संबंधी कार्य कराया जा रहा है। इससे शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण में बाधा उत्पन्न हो रही है और राजस्व अभिलेखों की गोपनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है। उनका कहना है कि कार्यालय का माहौल इतना तनावपूर्ण हो चुका है कि प्रभारी तहसीलदार सहित पांच लेखपाल चिकित्सा अवकाश पर चले गए हैं और कई कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान हैं। जिससे वह कोई आत्मघाती कदम उठा सकते हैं। उन्होंने डीएम से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने, कार्यालय में सामान्य कार्य वातावरण बहाल करने एवं सामूहिक अवकाश स्वीकृत करने की मांग की है। इस दौरान जिला अध्यक्ष अनूप तिवारी, तहसील अध्यक्ष वैभव त्रिपाठी, खंड मंत्री अमित पाल, जिला मंत्री चंदन शिवहरे, हरेंद्र, विवेक, अनिल, महेंद्र कुमार, पुष्पेंद्र, आशुतोष श्रीवास्तव, प्रदीप कुमार आदि रहे।







