जालौन के इस मुहल्ले में चल रही भागवत कथा में भागवताचार्य ने सुनाई यह कथा,,

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today ।जालौन के चौधरयाना स्थित गुप्ता भवन में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के छठे दिन श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला सहित अन्य प्रसंगों का श्रवण कर भावविभोर हो उठे।
कथा वाचक डॉ. शिव संपत द्विवेदी ने गोवर्धन पर्वत लीला की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अभिमान को तोड़ने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा अंगुली पर धारण किया था। उन्होंने बताया कि उस समय इंद्र देव ने घमंड में आकर ब्रजवासियों पर मूसलाधार वर्षा कराई थी, जिससे जन-जीवन संकट में पड़ गया था। तब भगवान श्रीकृष्ण ने समस्त ब्रजवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत उठाकर उन्हें उसके नीचे आश्रय दिया। यह लीला हमें सिखाती है कि भगवान अपने भक्तों की हर परिस्थिति में रक्षा करते हैं और अहंकार का अंत निश्चित है। गोवर्धन पूजा का संदेश प्रकृति के संरक्षण और गौसेवा से भी जुड़ा हुआ है। भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र पूजा के स्थान पर गोवर्धन पर्वत और प्रकृति की पूजा करने के लिए प्रेरित किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रकृति ही हमारे जीवन का आधार है। कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग मिलता है। इस मौके पर पारीक्षित किरण गुप्ता, अनुरूप गुप्ता, आशीष गुप्ता, अरविंद गुप्ता, आयुष, पार्थ, केके गुप्ता, गीता पुरवार, हर्षिका गुप्ता, रूचि, शुचि, किंकल, संध्या गुप्ता आदि रहे।