जालौन के सरसई में आरआरसी केंद्र का अधर में लटका निर्माण निर्माण फिर भी हो गया सात लाख से अधिक का भुगतान ,,

प्रधान ने अपने खाते में कराया पांच लाख रूपये से अधिक मजदूरी का भुगतान

ग्रामीण बोले गांव का प्रधान लूटने में लगा, कराता झूठी शिकायतें

डीपीआरओ बोले जांच होगी,दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

ब्यूरो रिपोर्ट

Orai / Jalaun news today । जालौन जनपद के विकासखंड महेवा की ग्राम पंचायत सरसई इस समय ग्राम प्रधान द्वारा अपने खाते में 5 लाख रूपये से अधिक मजदूरी का फर्जी भुगतान और आरआरसी सेंटर (कूड़ा घर) निर्माण के नाम पर 7 लाख रूपये से अधिक भुगतान निकाल लेने को लेकर खासा चर्चा में है। विगत माह हुई इन शिकायतों पर जांच टीम गठित हुई थी। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे ने जिम्मेदारों को कड़ी कार्यवाही के आदेश दिए थे। लेकिन समय बीत जाने के उपरांत कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई। जिस कारण ग्रामीणों ने मंडलायुक्त झांसी और डीडी पंचायत झांसी को पत्र भेजकर कार्यवाही की मांग की है।
बता दें कि विकास खंड महेवा की ग्राम पंचायत सरसई के ग्राम प्रधान राजेश कुमार ने पद का दुरुप्रयोग करते हुए अपने स्वयं के खाते में वित्तीय वर्ष 2021-2022 और 2023 में 5 लाख 61 हजार 677 रूपये का भुगतान हैडपंप मरम्मत, समरसेविल, मिट्टी भराई, इंटरलॉकिंग, सफाई, रिबोर, नाला सफाई के नाम पर निकाल लिए थे। जबकि शासन के निर्देश दिए है कि परिजनों एवं ग्राम प्रधान स्वयं के खातों में भुगतान कराया तो अनियमिताओं की श्रेणी में होगा।

विगत दो माह पूर्व इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई थी लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते जिम्मेदार अधिकारियों ने अभी तक जांच नहीं की, ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधान शिकायत करने वालों को धमकी देता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि डेढ़ वर्ष पूर्व अपूर्ण (अधबने) आरआरसी केंद्र का 7 लाख रुपये से अधिक का भुगतान हो गया है। साथ ही खाद गड्ढे भी नहीं बनाए गए। एक माह पूर्व निवर्तमान जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे ने आरआरसी केंद्र की जांच के साथ ही दोषी प्रधान सहित अन्य कर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने और रिकवरी के आदेश दिए थे। लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत से मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम निधि को प्रधान ने लूट का साधन बना लिया है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इसकी शिकायत मंडलायुक्त झांसी और डीडी पंचायत झांसी से की है। लोगों का कहना है कि सुनवाई नहीं हुई तो वह लोग मुख्यमंत्री के जनता दरबार दरवाजे के साथ साथ उच्च न्यायालय जाएंगे।

DPRO ने कही यह बात

डीपीआरओ राम अयोध्या प्रसाद ने कहा कि मामले की जांच के लिए टीम गठित कर जांच कराई जाएगी,दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।