रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । सभी भक्त भागवत को अपने जीवन में उतारें ताकि लोग धर्म की ओर अग्रसर हो। भगवान श्रीकृष्ण ने सुदामा चरित्र के माध्यम से भक्तों के सामने दोस्ती की मिसाल पेश की और समाज में समानता का संदेश दिया। यह बात ग्राम हरीपुरा में घाटे वाले हनुमान के मंदिर परिसर में आयोजित भागवत कथा के समापन पर कथा व्यास ने कही।
नगर के मोहल्ला हरीपुरा में स्थित घाटे वाले हनुमान मंदिर में आयोजित भागवत कथा के समापन पर कथा व्यास दिलीप कुमार दीक्षित ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा का सात दिनों तक श्रवण करने से जीव का उद्धार हो जाता है। सुदामा चरित का वर्णन करते हुए कहा कि गरीब ब्राह्मण सुदामा अपनी पत्नी सुशीला के कहने पर ना चाहते हुए भी द्वारिका जाने को तैयार होते हैं। सुदामा को कृष्ण से मिलने से द्वारपाल रोकता है। लेकिन जब द्वारपाल श्रीकृष्ण को गरीब ब्राह्मण के द्वार पर खड़े होने की सूचना देता है तो वह व्याकुल होकर नंगे पैर ही उनसे मिलने के लिए द्वारा पर पहुंच जाते हैं और वहां से लाकर उन्हें सिंहासन पर बैठाते हैं। बिना मांगे ही उन्हें धन्य धान्य से परिपूर्ण कर दिया। कथा व्यास ने सुदामा चरित्र का वर्णन अत्यंत मार्मिक और भावपूर्ण ढंग से किया जिससे उपस्थित श्रद्धालु भावुक हो गए। इस मौके पर परीक्षित गजेंद्र सिंह, पप्पू बाथम, संतोष सैनी, निशा, मंगल, अमित, अजय सेंगर, पवन याज्ञिक, सुरेश कुमार, श्याम पेंटर, बाबू, गोविंद, उमेश, जीतू, नैन्सी, उमा, कुंती, मुन्नी, शोभा, उर्मिला, गीता, विनोद, सुरेन्द्र कुशवाहा, मनीष परिहार, कक्कू आदि रहे।






