20 हजार स्कूल बंद करके 20 हजार से अधिक शराब की दुकानें खोली गईं
Etah news today ।आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने विधानसभा जलेसर, जनपद एटा में पार्टी के प्रभारी प्रत्याशी प्रवेंद्र कुमार के समर्थन में आयोजित विशाल कार्यकर्ता बूथ सम्मेलन को संबोधित करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार की नीतियों, शिक्षा व्यवस्था, आरक्षण, कानून-व्यवस्था, रोजगार, औद्योगिक विकास और बहुजन समाज के अधिकारों को लेकर सरकार पर तीखे सवाल उठाए।

चंद्रशेखर आज़ाद ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अपने वोट की रक्षा करें और एक-एक वोट पार्टी के प्रभारी प्रत्याशी भाई प्रवेंद्र कुमार उर्फ नीरज निगम के पक्ष में डलवाकर उन्हें प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायत विधानसभा तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि विधानसभा में बहुजन समाज पर हो रहे अत्याचार, अन्याय और शोषण के खिलाफ आवाज उठाने तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व जरूरी है।
शिक्षा व्यवस्था और शराब की दुकानों को लेकर सरकार पर निशाना
चंद्रशेखर आज़ाद ने आरोप लगाया कि सरकार ने 20 हजार से अधिक स्कूलों को कंपोजिट विद्यालय बनाने के नाम पर बंद करने की दिशा में कदम उठाए, जबकि दूसरी ओर शराब की दुकानों की बढ़ती संख्या पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गरीब और बहुजन समाज के बच्चों को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर देने के बजाय ऐसी नीतियां अपनाई जा रही हैं, जिनसे उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य बहुजन समाज के बच्चों को पढ़ा-लिखाकर बाबू, चपरासी, अधिकारी और जिम्मेदार संवैधानिक पदों तक पहुंचाना है, ताकि वे सम्मान के साथ जीवन जी सकें। सरकार को शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य पर जवाब देना चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग-धंधे और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की मांग
चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं हैं। गांवों के युवाओं को रोजगार की तलाश में बड़े शहरों की ओर पलायन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल बड़े शहरों के विकास की बात करने के बजाय ग्रामीण क्षेत्रों में लघु, कुटीर एवं मध्यम उद्योग स्थापित करने की ठोस नीति बनानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जलेसर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों और कारीगरों की क्षमता का उपयोग करके उद्योग-धंधे विकसित किए जा सकते हैं। इससे स्थानीय युवाओं, महिलाओं और छोटे कारोबारियों को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी योजनाएं बनाए, जिससे युवाओं को अपने ही क्षेत्र में सम्मानजनक रोजगार मिल सके और उन्हें रोजी-रोटी के लिए अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर न होना पड़े।
जलेसर कस्बे की बदहाली का मुद्दा उठाया
चंद्रशेखर आज़ाद ने जलेसर कस्बे की बदहाल स्थिति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि जलेसर ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कस्बा होने के बावजूद आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। सड़क, जल निकासी, साफ-सफाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और व्यापार से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि जलेसर के विकास के लिए विशेष कार्ययोजना बननी चाहिए। कस्बे में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय व्यापार, कारीगरों और छोटे उद्योगों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। जलेसर के युवाओं को रोजगार और क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
बैकलॉग भर्ती और युवाओं को रोजगार देने की मांग
सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने सरकारी विभागों में लंबे समय से खाली पड़े बैकलॉग के पदों को तत्काल भरने की मांग की। उन्होंने कहा कि आरक्षित वर्गों के लिए निर्धारित पदों को खाली रखना सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि एससी, एसटी, ओबीसी सहित सभी वंचित वर्गों के युवाओं को संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों के अनुसार रोजगार में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। सरकार को बैकलॉग के सभी रिक्त पदों की विभागवार समीक्षा कर विशेष भर्ती अभियान चलाकर पदों को भरना चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवाओं के हाथ में रोजगार होगा तो परिवार मजबूत होंगे, गांव मजबूत होंगे और देश मजबूत होगा। सरकार को युवाओं को केवल चुनाव के समय याद करने के बजाय उनके लिए स्थायी रोजगार नीति बनानी चाहिए।
छात्रवृत्ति और आरक्षण के मुद्दे पर सपा-भाजपा को घेरा
सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने वर्ष 2012 से 2017 तक की तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने ओबीसी समाज के कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की छात्रवृत्ति योजना बंद करने को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की। साथ ही, पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर पिछड़े, दलितों और आदिवासियों के हितों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि बहुजन समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना होगा। उन्होंने लोगों से अन्यायपूर्ण नीतियों का विरोध करने और भाजपा को प्रदेश तथा देश में राजनीतिक रूप से पराजित करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
पूरे प्रदेश में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) का संगठन मजबूत
चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि भीम आर्मी और आज़ाद समाज पार्टी का संगठन पूरे देश में मजबूत हो रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी 18 मंडलों में प्रबुद्ध जनसम्मेलन आयोजित किए गए, जिनमें समाज के बुद्धिजीवी, अनुभवी लोग और विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि जो लोग आज़ाद समाज पार्टी को केवल युवाओं की पार्टी कहते थे, उन्हें अब समझना चाहिए कि यह युवाओं के साथ-साथ अनुभवी और प्रबुद्ध जनों की पार्टी बन चुकी है।
उन्होंने बहुजन समाज से अपील करते हुए कहा, “एक मौका आज़ाद समाज पार्टी और भीम आर्मी को दीजिए। हम बहुजन स्वराज स्थापित करने के लिए संघर्ष करेंगे और समाज के वंचित वर्गों को उनके हक, अधिकार और सम्मान दिलाने का काम करेंगे।”
26 नवंबर को लखनऊ में ‘बहुजन स्वराज संकल्प महारैली’ का दिया आमंत्रण
सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने घोषणा की कि संविधान दिवस, 26 नवंबर के अवसर पर लखनऊ स्थित माता रमाबाई अंबेडकर मैदान में बहुजन स्वराज संकल्प महारैली आयोजित की जाएगी। उन्होंने सम्मेलन में मौजूद लोगों से महारैली में भारी संख्या में पहुंचने की अपील की और कहा कि यह आयोजन संविधान, सामाजिक न्याय, समानता और बहुजन समाज के अधिकारों के प्रति संकल्प को मजबूत करने का अवसर होगा।
1857 की क्रांति के योद्धा बल्लू मेहतर और चेतराम जाटव की वीरता को किया याद
महापुरुषों के संघर्ष और बहुजन समाज के इतिहास का उल्लेख करते हुए चंद्रशेखर आज़ाद ने 1857 की क्रांति के योद्धा बल्लू मेहतर और चेतराम जाटव की वीरता और संघर्ष को याद किया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के आंदोलन में बहुजन समाज के अनेक वीर योद्धाओं ने अपना जीवन और सर्वस्व न्योछावर किया, लेकिन इतिहास में उनके योगदान को वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे।
उन्होंने कहा कि बल्लू मेहतर और चेतराम जाटव जैसे वीरों की वीरता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। बहुजन समाज के युवाओं को अपने इतिहास, अपने महापुरुषों और अपने संघर्षों को जानना होगा।
उन्होंने कहा कि बहुजन समाज का इतिहास केवल शोषण और संघर्ष का इतिहास नहीं है, बल्कि वीरता, त्याग, स्वाभिमान और प्रतिरोध का भी इतिहास है। हमें अपने महापुरुषों और वीर योद्धाओं के संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाना होगा।
चंद्रशेखर आज़ाद ने मान्यवर कांशीराम साहब के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि “तमन्ना अगर सच्ची हो तो रास्ते हजार होते हैं और तमन्ना अगर झूठी हो तो बहाने भी हजार होते हैं।”
उन्होंने 28 जून 2023 की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जिस दिन उन पर जानलेवा हमला हुआ और गोली मारी गई, उसी दिन उन्होंने संकल्प लिया था कि बहुजन समाज के सपनों को पूरा करने के लिए वे चैन से नहीं बैठेंगे और अपने जीवन के अंतिम क्षण तक बहुजन समाज के उत्थान के लिए प्रयास करते रहेंगे, इसके लिए चाहे उन्हें कितनी भी परेशानियों, जुल्म और ज्यादतियों का सामना क्यों न करना पड़े।
कानून-व्यवस्था पर सवाल, बहुजन समाज की सुरक्षा की मांग
प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि बहुजन समाज के लोगों की हत्याओं और उन पर हो रहे अत्याचारों की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि ऐसी घटनाओं को रोकने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। बहुजन समाज को भयमुक्त वातावरण, समान अवसर और न्याय मिलना चाहिए।
अंत में चंद्रशेखर आज़ाद ने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, मतदाताओं को जागरूक करने और आगामी राजनीतिक संघर्ष में एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज की एकता, शिक्षा, रोजगार, औद्योगिक विकास, राजनीतिक भागीदारी और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा ही बहुजन स्वराज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।






