हरियाणा के नूंह में भीषण सड़क हादसा जालौन में तैनात चार पुलिस कर्मियों सहित 5 की मौत

ब्यूरो रिपोर्ट

Orai / Jalaun news today । जनपद जालौन की उरई कोतवाली में तैनात पुलिस टीम पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जब हरियाणा के नूंह जिले में एक भीषण सड़क हादसे में पुलिस टीम के चार सदस्यों सहित एक वादी की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा इतना भयावह था कि टक्कर लगते ही मौके पर ही सभी की जान चली गई। इस घटना ने न सिर्फ पुलिस विभाग बल्कि पूरे जिले को गहरे शोक में डुबो दिया है।
मिली जानकारी अनुसार उरई कोतवाली में पंजीकृत मुकदमा संख्या 256/26 अपहरण हुए बिजेन्द्र सिंह पुत्र रघुवीर सिंह निवासी सब्जी मंडी रोड अमरहेडी थाना सिविल लाइन जनपद जीद हरियाणा की बरामदगी के मामले में हरियाणा जा रही थी। टीम में मंडी चैकी इंचार्ज उप निरीक्षक मोहित यादव, हल्का नंबर 2 इंचार्ज उप निरीक्षक सत्यभान सिंह, उनके हमराही सिपाही अशोक कुमार, सर्विलांस सेल के सिपाही प्रदीप कुमार तथा एक वादी अमरीक सिंह पुत्र देवा सिंह निवासी बुसेरा थाना मूनक जनपद संगरूर पंजाब शामिल थे। सभी लोग ब्लैक स्कॉर्पियो (नंबर एचआर 31 वी 7550) से गए थे। बताया जा रहा है कि जब गाड़ी नूह जिले के कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस वे पर जा रही थी तभी थाना क्षेत्र तावरु सदर जनपद नूह हरियाणा समय लगभग सुबह 10 बजे पर उनकी गाड़ी एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गई। वहाँ मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा बताया गया कि वाहन चालक द्वारा एक गाड़ी को तेज रफ्तार से ओवरटेक करने की कोशिश की इसी दौरान स्कॉर्पियो चालक द्वारा सामने से आ रहे अन्य वाहन से आमने सामने जा टकराई दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी पांचों लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा तथा शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की गई। इस दुखद घटना की खबर जैसे ही जालौन पहुंची पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मी पुलिसकर्मियों में गहरा दुःख देखा जा रहा है पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। गौरतलब है कि हाल के दिनों में जालौन जिले से जुड़े कई हादसों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लंबी दूरी के अभियानों में पुलिस टीमों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी स्तर पर भी घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है उच्चाधिकारियों द्वारा हादसे की जांच के आदेश दिए गए हैं और मृतक पुलिस कर्मियों के परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया गया है। यह हादसा न केवल पुलिस विभाग के लिए अपूरणीय क्षति है बल्कि समाज के लिए भी एक गहरा आघात है। कर्तव्य पथ पर डटे इन वीर जवानों की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।