रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन नगर में परिवहन विभाग द्वारा जनता की सुविधा के लिए चुर्खी रोड पर साढ़े तीन करोड़ की लागत से उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बस संचालन के स्टैंड का निर्माण पूर्ण हो गया है। बस स्टैंड का निर्माण नौ माह में होना था किन्तु बार बार व्यवधान आने कारण इसके निर्माण में छह वर्ष लग गए हैं। अब बस स्टैंड तो बनकर तैयार है बस इसके लोकार्पण का इंतजार है।
नगर में चुर्खी रोड पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने बस स्टैंड के लिए 2019 में नगर पालिका से अनुबंध कर बस की स्टैंड की स्थापना की नींव डाल दी थी। इसी दौरान लोकसभा चुनाव के चलते बस स्टैंड का काम शुरू नहीं हो पाया था। लगभग 13 माह के अंतराल के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 जुलाई 2020 को नगर में चुर्खी रोड पर बन रहे परिवहन निगम के बस स्टैंड की भूमि पूजन के साथ आधारशिला रख दी थी। भूमि पूजन के भरोसा दिलाया गया था कि बस स्टैंड का निर्माण निर्धारित नौ माह की समय सीमा में पूरा हो जाएगा। भूमि पूजन के बाद बरसात ने काम में बाधा डाली। इसके बाद कोरोना के चलते भी काम में व्यवधान आया। इसके साथ ही ठेकेदार व कार्यदायी संस्था के साथ विभागीय अधिकारियों की उदासीनता का परिणाम यह हुआ कि नौ माह में बनने वाला बस स्टैंड छह वर्ष में बनकर तैयार हो पाया है। भवन निर्माण के साथ रंगाई पुताई का काम पूरा हो गया। बिजली, पानी की फिटिंग हो गई है। सबमर्सिबल पंप से पानी उपलब्धता कराई गई है। बिजली की फिटिंग कर टेस्टिंग की जा चुकी है। अभी ट्रांसफार्मर रखना शेष रह गया है। यात्रियों की सुविधा के पुरूष व महिला शौचालय, स्नान गृह, प्रतीक्षालय, दिव्यांग के लिए रैंप, टिकट खिड़की आदि तैयार हो गई हैं। अभी कम्प्यूटर व ऑनलाइन से जुड़े उपकरण एवं फर्नीचर आना बाकी है। भवन निर्माण के दौरान रंगाई पुताई का काम पूरा होने से जनता को उम्मीद लगने लगी है कि शीघ्र ही परिवहन निगम के बस स्टैंड से आने जाने का लाभ मिलने लगेगा।
कोंच जालौन मार्ग पर परिवहन निगम की बस चलाये जाने की मांग
जालौन। कोंच-जालौन मार्ग पर परिवहन निगम की बस का संचालन नहीं हो रहा है। परिवहन विभाग की बसों का न होने से लोगों को सुलभ यातायात मुहैया नहीं हो पा रही। प्राइवेट बसों के सहारे लोग यात्रा कर रहे जिससे उन्हें दिक्कत हो रही है।
नगर से कोंच मार्ग परिवहन विभाग की एक भी बस का संचालन नहीं हो रहा है। लगभग 25 किमी लंबे इस मार्ग पर एक दर्जन से अधिक गांव हैं। जिनमें उदोतपुरा, खनुवां, लहचूरा, रनवां, भेंड़, पचीपुरा, देवरी, सिकरीराजा आदि प्रमुख गांव हैं। इसके अलावा भी आसपास दर्जनों गांव के लिए मुख्य मार्ग से संपर्क मार्ग बने हुए हैं। कोंच तक पहुंचने के लिए और इन गांवों तक जाने के लिए लोगों को घंटों किसी वाहन का इंतजार करना पड़ता है। इस मार्ग पर प्राइवेट बसों का ही सहारा है। प्राइवेट बस संचालक बस को पूरी तरह भरने के बाद ही चलते हैं। सवारियों से बस को ठसाठस भरकर चलने से गर्मी के मौसम में यात्रा करना सजा सी लगती है। नगर व आसपास के ग्रामीण इस मार्ग पर रोडवेज बस का संचालन किए जाने की मांग लंबे समय से उठा रहे ताकि लोगों को परेशानी से निजात मिल सके। यात्रियों की यह मांग लंबे समय से अधूरी है। बार बार शिकायत के बाद भी परिवहन विभाग ने इस मार्ग पर बस का संचालन शुरू नहीं कराया है।







