(रिपोर्ट – बबलू सेंगर)

Jalaun news today । रामलीला महोत्सव में लक्ष्मणशक्ति व कालनेम की माया का मंचन किया गया। जिसमें हनुमान-मेघनाद संवाद, लक्ष्मण-मेघनाद संवाद के अलावा कालनेम की माया का दृश्य विशेष आकर्षक रहा। लक्ष्मण शक्ति की लीला को लेकर दर्शकों उत्साह दिखा।
रामलीला महोत्सव का मंचन नगर के गोविंदेश्वर मंदिर के पास किया जा रहा है। जिसमें लक्ष्मण शक्ति, कालनेम की माया, भरत-हनुमान संवाद, मेघनाद हनुमान संवाद के अलावा लक्ष्मण व हनुमान संवाद विशेष सराहनीय रहे। मंचन के प्रथम दृश्य में श्रीराम द्वारा लंका पर आक्रमण किए जाने की योजना बनाई गई। सभी वानरों ने लंका को चारों ओर से घेर लिया तभी रावण की आज्ञानुसार मेघनाद युद्ध करने के लिए आया। पहले मेघनाद व हनुमान के बीच जमकर संवाद होता है। लक्ष्मण के आने के बाद मेघनाद व लक्ष्मण संवाद प्रारंभ हो जाता है। दोनों के संवादों का बैठे दर्शकों ने आनंद लिया और तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन भी किया। अंत में मेघनाद, लक्ष्मण पर ब्रहमास्त्र का प्रयोग करता है। जिसके चलते लक्ष्मण मूर्छित होकर जमीन पर गिर जाते हैं। हनुमानजी उन्हें वहां से उठाकर रामदल में ले आते हैं। जहां प्रभु राम लक्ष्मणजी की हालत को देखकर बिलख-बिलख कर रो पड़ते हैं। रामजी का विलाप सुनकर दर्शक भी अपने आंसू नहीं रोक सके। इसी बीच जामवंत द्वारा लंका से सुखेन वैद्य को लाने की बात कही जाती है। जिस पर हनुमानजी लंका जाकर सुखेन वैद्य को ले आते हैं। सुखेन वैद्य संजीवनी बूटी द्वारा ही लक्ष्मणजी के उपचार करने की युक्ति बताने के साथ ही कहते हैं यदि सूर्यादय से पूर्व संजीवनी बूटी नहीं आई तो लक्ष्मणजी के प्राण बचाना असंभव होगा। उसी समय तत्काल हनुमानजी संजीवनी बूटी लाने के लिए चले जाते हैं। रास्ते में कालनेम अपनी तमाम माया फैलाकर हनुमानजी का रास्ता रोकने का प्रयास करता है। वहीं कालनेम स्वयं एक साधु का रूप धारण कर हनुमानजी से गुरूमंत्र लिए जाने को कहता है। तभी तालाब में स्नान करने गए हनुमानजी को एक मछली कालनेम की माया के बारे में बता देती है। तब हनुमानजी कालनेम की माया को समाप्त करते हैं और सुखेन वैद्य द्वारा बताए गए पर्वत पर संजीवनी बूटी लाने के लिए पहुंचते हैं। पर्वत पर विविध प्रकार की बूटियों में संजीवनी बूटी को न पहचान पाने के कारण वह पूरा पर्वत लेकर रामदल की ओर चल देते हैं। अयोध्या के ऊपर से गुजरते समय भरत ने उन्हें राक्षस समझकर एक ही वाण से घायल कर जमीन पर गिरा दिया। हनुमानजी भरत को पूरी कथा बताकर रामदल पहुंचते हैं। जहां सुखेन वैद्य संजीवनी बूटी से लक्ष्मण का उपचार करते हैं। राम की सुंदर भूमिका में विवेक मिश्रा, लक्ष्मण केके शुक्ला, हनुमानजी रमेश दुबे, विभीषण रामप्रकाश शर्मा, कालनेम प्रयाग गुरु, सुग्रीव नरेंद्र कुमार व रावण की भूमिका रामकेश ने निभाई। लीला का संचालन पवन चतुर्वेदी व राजकुमार मिझौना ने किया।
For advertisement : 9415795867






