जालौन क्षेत्र में बढ़ रहे एचआईवी संक्रमित रोगियों की संख्या,,इतनी हुई संख्या

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन नगर व ग्रामीण क्षेत्र में एच आई वी (एड्स) के रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। लाइलाज बीमारी लगातार अपने पैर पसार रही है। इसके बाद इसे रोकने के लिए विभाग द्वारा आवश्यक कदम नहीं उठाये जा रहे। इस वर्ष 13 नये मरीज़ों के मिलने के बाद संख्या 151 तक पहुंच गयी है।
एच आई वी (एड्स) के प्रति जागरूक करने व इसको बढ़ने से रोकने के लिए के लिए राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन का गठन किया गया। इसके साथ ही राज्य सरकार ने एड्स सोसाइटी का गठन कर रखा है। इस सोसाइटी के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम चलाये जाते हैं साथ ही एच आई वी पाॅजिटिव लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास भी किया जाता है। सोसाइटी के गठन के बाद भी नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में एड्स जागरूकता कार्यक्रमों का अभाव ही दिखता है। जागरूकता कार्यक्रम के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। नगर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में एड्स जागरूकता के कोई खास कार्यक्रम नहीं चल रहे हैं। विभाग द्वारा प्रभावित व सम्भावित इलाके के लोगों को एड्स से बचाव के लिए जागरूक करने के कोई कार्यक्रम नहीं चलाया गया। जागरूकता कार्यक्रम के लिए आयी सरकारी धन राशि का सदुपयोग होता नहीं दिख रहा है। एड्स दिवस के मोके पर 1 दिसंबर को गोष्ठी कर जागरूकता कार्यक्रम की औपचारिकता कर ली जाति है ।

पिछले वर्ष 13 लोग एड्स से ग्रस्त मिले

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रत्येक गर्भवती महिला की एच आई वी जांच करायी जाती है। इसके साथ ही इच्छुक लोगों व एच आई वी ग्रस्त होने की सम्भावना होने पर जांच की जाती है। बताया गया कि पिछले वर्ष  में अस्पताल की टीम ने 6354 लोगों की एच आई बी जांच की जिसमें 13 लोगों की जांच रिपोर्ट पोजीटिव आयी है। नये 13 लोगों की जांच रिपोर्ट पोजिटिव आने के बाद मरीजों की संख्या बढ़ कर 151 हो गयी।

कोशिकाओं की विशेष जांच से पता चलता एड्स

एल टी विजय राव के अनुसार एचआईवी संक्रमित व्यक्ति में एड्स की पहचान संभावित लक्षणों के दिखने के पश्चात ही हो पाती है। रोग रोकथाम एवं निवारण केंद्र द्वारा एड्स के संभावित लक्षण बताये गए हैं। एचआईवी संक्रमित व्यक्ति, जो किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित नहीं है, में एड्स के लक्षणों की जाँच विशेष रक्त जाँच सी डी 4 प्लस (कोशिका गणना) के आधार पर की जा सकती है।

काउंसलर प्रीति सिंह बताती है एड्स के प्रति जागरूक करने के लिए जनपद मुख्यालय स्तर से कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं तथा विश्व एड्स दिवस पर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाता है।