रिपोर्ट बबलू सेंगर
Jalaun news today। जालौन नगर के चुर्खी रोड पर स्थित राधे कॉलोनी की आम रास्ता कच्ची है। आम रास्ता कच्चा होने के चलते कॉलोनी के बाशिंदे परेशान हैं। बरसात के मौसम में रास्ते में कींचड होने के कारण लोगों का निकलना मुश्किल है।
नगर क्षेत्र में चुर्खी रोड पर चंदा छाया गेस्ट हाउस के सामने लगभग सात वर्ष पूर्व राधे कॉलोनी का निर्माण किया गया था। कॉलोनी की दूरी मुख्य सड़क मार्ग से तकरीबन 400 मीटर की है। इस सड़क को बनवाने की मांग कॉलोनी में रहने वाले लोग कॉलोनी बनने के बाद से ही कर रहे हैं। कुछ समय पूर्व मुख्य मार्ग से लगभग 150 मीटर सडक का निर्माण हो चुका है। इसके आगे का मार्ग अभी भी कच्चा ही है। बारिश के मौसम में कॉलोनी में जलभराव और कीचड़ जमा हो जाता है। जिससे कॉलोनी से निकलना मुश्किल हो जाता है। बच्चे तक खेलने के लिए बाहर नहीं जा पाते हैं। कॉलोनी में रहने वाले विमल समाधिया, धर्मेंद्र सिंह, शिवाजी, दीपक सोनी, कुलदीप सिंह राजावत, रोशन सिह कुशवाहा, विजय पाल, कैलाश कुशवाहा आदि ने बताया कि कॉलोनी के लिए लगभग सात साल से रोड बनवाने की मांग की जा रही है। कुछ समय पूर्व सड़क बनाई गई थी। लेकिन वह कॉलोनी तक नहीं बनाई गई है। जिसके चलते समस्या जस की तस बनी हुई है। बच्चों को स्कूल तक भेजने में दिक्कत होती है। वहीं, बारिश में कच्चे रास्ते और घास फूस में कीड़ों का भी डर बना रहता है। बारिश के मौसम में घर से बाहर वाहन तक नहीं निकाल पाते हैं। पैदल निकलना भी मुश्किल होता है। यदि शेष सड़क का भी निर्माण हो जाए तो लोगों की समस्याओं का अंत हो जाएगा।
इस गांव के लोग भी पानी भरने से परेशान, डीएम से लगाई गुहार
जालौन। हथना बुजुर्ग में स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर तक पहुंचने के लिए समुचित रास्ते की व्यवस्था न होने के चलते बरसात के दिनों में स्वास्थ्य केंद्र के चारों ओर पानी भर जाता है। जिसके चलते मरीजों और उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने की मांग डीएम से की है।
तहसील क्षेत्र के ग्राम हथना बुजुर्ग में स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर तक पहुंचने वाले मार्ग पर बारिश के दौरान पानी भर जाता है। यह मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो जाने के चलते बुजुर्गों, महिलाओं, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। कई मरीज मजबूरी में बिना इलाज कराए वापस लौट जाते हैं, जबकि कुछ लोग निजी अस्पतालों का रुख करने को विवश होते हैं। केंद्र के आसपास जलभराव के कारण पानी में जहरीले कीड़े भी तैरते नजर आते जिससे खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों अरूण कुमार, दिनेश, बबलू आदि ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने के लिए एक सुरक्षित रास्ता तक नहीं बनाया गया है। बरसात में जलभराव के कारण केंद्र तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। ग्रामीणों ने डीएम राजेश पांडेय से मांग करते हुए कहा कि बरसात के मौसम में मरीजों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि ग्रामीणों को समय पर इलाज मिल सके।




