मेडटेक सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस के ओपन चैलेंज प्रोग्राम (OCP 7.0) का लॉन्च

Lucknow news today । इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार के अधीनसॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) एक संस्था है, जो देश में सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के विकास, निर्यात तथा स्टार्टअप एवं उद्यमिता इकोसिस्टम को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रही है।
MedTechएक उद्यमिता एवं उत्कृष्टता केंद्र (CoE) है, जिसेइलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई), संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई), लखनऊ, एवं उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के सहयोग से स्थापित किया गया है, इसका उद्देश्य मेडिकल इक्विपमेंट/इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हेल्थ इंफॉर्मेटिक्स के क्षेत्र में स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करना तथा स्वास्थ्य सेवा उपकरणों एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा देते हुए ‘Make in India’ की दिशा में योगदान करना है।
इसी क्रम में एसटीपीआई द्वाराएसजीपीजीआई, लखनऊमेंइन्वेस्टर कनेक्ट (Investor Connect 2026)का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मेडटेक एवं हेल्थटेक क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करना तथा स्टार्टअप्स को चिकित्सा विशेषज्ञों, निवेशकों, उद्योग एवं अन्य हितधारकों के साथ जोड़ना रहा।
कार्यक्रम मेंचिकित्सा विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं मेडटेक स्टार्टअप्स ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान तीन सेशन आयोजित किये गए , जिसमें बनाये स्टार्टअप को अवसर देने के लिए आवेदन आमंत्रित किये जाने हेतु ओपन चैलेंज प्रोग्राम OCP 7.0 का शुभारंभ, एडवांसिंग इनोवेशन फॉर एक्सेसिबल हेल्थकेयर थीम पैनल डिस्कशन तथा इन्वेस्टर कनेक्ट के अंतर्गत स्टार्टअप पिचिंग सेशन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में, एसटीपीआई लखनऊ के प्रभारी अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार द्विवेदी, अपर निदेशक ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि एसटीपीआई इन्वेस्टर कनेक्ट का यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवा नवाचार के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को एक साझा मंच पर लाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि ओपन चैलेंज प्रोग्राम 7.0 की थीम “निर्माण – मेडटेक एवं उन्नत, सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकताओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले नवीनतम नवाचार” के माध्यम से वास्तविक नैदानिक समस्याओं की पहचान कर नवप्रवर्तकों एवं स्टार्टअप्स को समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने एसजीपीजीआई की नैदानिक विशेषज्ञता, एसटीपीआई के प्रौद्योगिकी एवं स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र, अनुसंधान संस्थानों की वैज्ञानिक क्षमता, उद्योग जगत की व्यापक पहुंच, सरकार के सहयोग तथा स्टार्टअप्स एवं नवप्रवर्तकों की उद्यमशील ऊर्जा को एक साथ लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, नवप्रवर्तकों, स्टार्टअप्स, उद्योग प्रतिनिधियों, निवेशकों एवं अन्य सभी प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
बायो आरएक्स के संस्थापक डॉ. विशाल गांधीने मेडटेक स्टार्टअप्स के लिए निवेश एवं रणनीतिक मार्गदर्शन की आवश्यकता पर जोर दिया। उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक हिमांशु कौशिकने उत्तर प्रदेश में तकनीकी नवाचार एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
एसटीपीआई-नोएडा की क्षेत्राधिकार निदेशक एवं सीईओ मेडटेक सीओई, वंदना श्रीवास्तवने STPI के Centres of Entrepreneurship की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए OCP 7.0 को स्वास्थ्य क्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों के लिए स्वदेशी तकनीकी समाधान विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।उन्होंने बताया कि इसी क्रम में लखनऊ स्थितMedTechCoEके माध्यम से हेल्थटेक क्षेत्र के स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित किया जा रहा है। वर्तमान में 70 स्टार्टअप्सMedTechCoEकी सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं, जिनके माध्यम से36 उत्पादोंएवं57प्रोटोटाइप पर कार्य कर रहे हैं |
एसजीपीजीआई, लखनऊ के निदेशक प्रो. (डॉ.) आर.के. धीमानने चिकित्सा एवं तकनीकी संस्थानों के बीच सहयोग को मेडटेक नवाचार की सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा किइस ओपन चैलेंज प्रोग्राम के माध्यम से व्यापक आउटरीच एसजीपीजीआई के अतिरिक्त RML, KGMU और अन्य प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में MedTechCoEकी पहल से सक्रिय रूप से जोड़ना चाहिए, ताकि चिकित्सकीय आवश्यकताओं को तकनीकी विशेषज्ञता एवं उद्यमिता से जोड़कर प्रभावी समाधान विकसित किए जा सकें। उन्होंने एसजीपीजीआई की क्लिनिकल एक्सीलेंस के बारे में भी अवगत कराया एवं सभी इन्नोवेटर्स से OCP में प्रतिभाग किये जाने का अनुरोध किया |
कार्यक्रम के दौरानMedTechCoEके 10 स्टार्टअप्स को स्टार्टअप इंडिया सीड फण्ड योजना के अंतर्गत कुल एक करोड़ बीस लाख की वितीय सहायता के सापेक्ष प्रथम किश्त के रूप में 39 लाख रूपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है एवं चेक वितरित किये गए।
कार्यक्रम के अगले सत्र में “Problem Statements under OCP 7.0: Advancing Innovation for Accessible Healthcare & Support Services by STPI CoEs” विषय पर पैनल डिस्कशन आयोजित किया गया। पैनल में SGPGIMS एवं MedTech CoE से जुड़े विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक आवश्यकताओं, मेडिकल इनोवेशन, नई तकनीकों तथा स्टार्टअप्स के लिए संभावित अवसरों पर विचार-विमर्श किया।
पैनल में, प्रो. (डॉ.) अमित केशरी, विभागाध्यक्ष, सिर एवं गर्दन शल्य चिकित्सा विभाग, एसजीपीजीआईएमएस, प्रो. (डॉ.) सुजीत के. गौतम, एनेस्थीसियोलॉजी विभाग, एसजीपीजीआईएमएस, डॉ. अभिषेक कुमार, एनेस्थीसियोलॉजी विभाग, एसजीपीजीआईएमएस, श्री श्याम कुमार, COO, मेडटेक ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरानStartup Pitching Session का आयोजन किया गया, जिसमें चयनित मेडटेक स्टार्टअप्स ने अपने अभिनव उत्पादों, तकनीकी समाधानों एवं व्यावसायिक मॉडलों को निवेशकों एवं विशेषज्ञों के समक्ष प्रस्तुत किया।
Startup Pitching के माध्यम से 08 स्टार्टअप्स को अपने नवाचारों को प्रदर्शित करने तथा निवेशकों एवं उद्योग प्रतिनिधियों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। वहीं, Investor Connect के माध्यम से स्टार्टअप्स को संभावित निवेश, रणनीतिक मार्गदर्शन एवं व्यावसायिक सहयोग के अवसर उपलब्ध हुए।
StartupPitching में जूरी के रूप मेंडॉ. विशाल गांधी – संस्थापक, BIORx Venture Advisors Pvt. Ltd.; आशीष कौल – निदेशक, Diya Industrial Technologies Pvt. Ltd. एवं संस्थापक अध्यक्ष, TiELucknow;; सुधांशु रस्तोगी – संस्थापक, ASR Venture Pvt. Ltd. तथाश्री अमित कुमार वर्मा – अपर निदेशक, एसटीपीआई लखनऊने सहभागिता की |
कार्यक्रम नेनई पीढ़ी की तकनीकों एवं नवाचारों को स्वास्थ्य क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ने तथा मेडटेक एवं हेल्थटेक क्षेत्र में प्रभावी एवं स्वदेशी समाधान विकसित करने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया।




