रिपोर्ट बबलू सेंगर
Jalaun news today ।जालौन में बेटे का इलाज कराने के लिए रुपये उधार लेने के बाद साहूकार ने मकान अपने भाई के नाम लिखवा लिया और रुपये भी दिए। मांगने पर गाली, गलौज कर भगाने पर पीड़ित ने छह दिन पूर्व फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में तहसील कर्मचारियों ने एक दिन का वेतन इकट्ठा कर 60,000 रुपये की आर्थिक सहायता बेटे के इलाज के लिए उसकी मां को सौंपे हैं।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सहावनाका निवासी प्रदीप कुमार ने अपने सात माह के बीमार बेटे धीरज के इलाज के लिए मोहल्ला घुआताल निवासी राजबहादुर यादव से दो लाख रुपये उधार लिए थे। इसके एवज में मकान का मुहायदा किया था। बाद में उसने छह लाख रुपये में मकान अपने भाई के नाम लिखवा लिया और उसे रुपये भी नहीं दिए। 14 अगस्त को जब प्रदीप रुपये मांगने गया तो उसे जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित कर भगा दिया। मानसिक रूप से परेशान प्रदीप ने 15 अगस्त की रात आत्महत्या कर ली और एक वीडियो भी बनाया। गुरूवार को पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गुरूवार को सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने मृतक के बेटे के इलाज के लिए 20000 रुपये की आर्थिक सहायता दी। वहीं, शुक्रवार को तहसील कर्मचारियों ने एक दिन का वेतन इकट्ठा किया। एसडीएम राकेश सोनी और तहसीलदार अभिनव तिवारी, तहसीलदार न्यायिक गौरव कुमार व तहसीलदार न्यायिक सतेंद्र गुप्ता शुक्रवार शाम को प्रदीप के घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। साथ ही सात माह के बेटे धीरज के इलाज के लिए 60000 रुपये की आर्थिक सहायता मृतक की पत्नी शीला देवी को दी। परिजनों ने इसके लिए तहसील कर्मचारियों का आभार जाताया।










