जालौन के इस स्थान पर आयोजित हुआ उर्स,,

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जो इंसान आला हजरत की सीरत और उनकी तालीमात पर अमल करेगा, वह दुनिया और आखिरत दोनों में कामयाबी हासिल करेगा। इंसान को अपनी जिंदगी नेक कामों में लगानी चाहिए और बुराइयों से बचते हुए समाज में भाईचारा, अमन और इंसानियत का संदेश देना चाहिए। यह बात बरेली शरीफ से आए हजरत अल्लामा मौलाना मुफ्ती आरिफ रजा कुरैशी ने कही।
नगर के मोहल्ला नरोभास्कर स्थित सुबहानी जामा मस्जिद में उर्स-ए-आला हजरत का आयोजन इमाम मौलाना शहाबुद्दीन मुशहिदी की सदारत में किया गया। कार्यक्रम में बरेली शरीफ से आए हजरत अल्लामा मौलाना मुफ्ती आरिफ रजा कुरैशी ने आला हजरत की सीरत, उनकी इल्मी सेवाओं और दीनी तालीमात पर पर बात करते हुए कहा कि आला हजरत ने अपनी पूरी जिंदगी इल्म, दीन और इंसानियत की खिदमत में गुजारी। उनकी शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर इंसान अपने जीवन को बेहतर बना सकता है। उन्होंने कहा कि गुनाहों से तौबा कर नेक रास्ते पर चलना और जरूरतमंदों की मदद करना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। समाज में आपसी भाईचारा और मोहब्बत कायम रखना समय की जरूरत है। एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े होकर ही समाज को मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से भी शिक्षा और अच्छे संस्कारों को अपनाने और बुरी आदतों से दूर रहने की अपील की। सिद्धार्थनगर से आए शायरे इस्लाम मोहम्मद अली फैजी ने नात-ए-पाक पेश की। उनकी आवाज और दिलकश अंदाज ने मौजूद लोगों को झूमने को मजबूर कर दिया। मौलाना अनवार कानपुरी ने कहा कि आला हज़रत को जिस इल्म और नज़रिए से पढ़िए, उनकी इल्मी काबिलियत और कमाल सामने आता है। आला हजरत ने समाज को दीन और नेक जिंदगी का रास्ता दिखाने के साथ लोगों को इल्म हासिल करने के लिए भी प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में इंसानों की भलाई, मुल्क की तरक्की, अमन-ओ-अमान और समाज में भाईचारा कायम रहने के लिए खास दुआ की गई। इस मौके पर मौलाना खालिद हकीम रहमानी, हाफिज आरिफ, हाफिज जमील कादरी, कारी मोहम्मद रियाज, हाफिज अजीज रजा, मौलाना फारूक सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।