(Bne)
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने खनन पट्टा मामले में झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश गवर्नर को भेज दी है। ये जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है। ये मामला लाभ के पद का था। सोरेन के पास ही खनन विभाग भी था और उनके नाम से खनन का पट्टा भी जारी हुआ था। बीजेपी ने इसकी शिकायत झारखंड के गवर्नर से की थी। गवर्नर ने मामले की जांच के लिए चुनाव आयोग को लिखा था। इस मामले में हेमंत सोरेन ने चुनाव आयोग में अपनी सफाई भी दी थी। सोरेन ने कहा था कि जैसे ही इस गड़बड़ी का पता चला, उनका पट्टा राज्य सरकार ने तुरंत रद्द कर दिया था। चुनाव आयोग ने हेमंत सोरेन की सफाई और इस मामले में दस्तावेजों को देखने के बाद बीते दिनों इस मामले में फैसला सुरक्षित कर लिया था। आज इस पर हेमंत सोरेन की सदस्यता रद्द करने का आदेश जारी किया गया। हेमंत सोरेन चुनाव आयोग के इस फैसले को कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं, लेकिन जानकारों का मानना है कि सोरेन के सामने विकल्प बहुत कम हैं और उनको सीएम पद छोड़ना पड़ेगा। बता दें कि इस मामले में गंभीरता को देखते हुए हेमंत सोरेन ने बीते दिनों जेएमएम और कांग्रेस के विधायकों की बैठक भी बुलाई थी। जिसमें जेएमएम के 7 और कांग्रेस के 5 विधायक नहीं आए थे। सूत्रों ने इससे पहले बताया था कि हेमंत सोरेन ने पद गंवाने के हालात देखते हुए अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को सीएम पद देने की तैयारी कर ली है। ऐसा ही बिहार में भी हुआ था, जब लालू यादव चारा घोटाले में फंसे थे। लालू ने तब अपनी पत्नी राबड़ी देवी को बिहार का सीएम बना दिया था। बताया जा रहा है कि लालू की राह पर अब हेमंत सोरेन के भी चलने के आसार हैं।




