विश्व में धर्म की ध्वज पताका फहराने वाले महापुरुषों के स्थान गुमनाम
मुख्यमंत्री से मिलकर पौराणिक स्थलों के जीणोर्द्धार कराने का राज्यमंत्री ने दिया आश्वासन
(ब्यूरो रिपोर्ट)

कालपी (जालौन)। चारों वेदों, अट्ठारह पुराणों, गीता और महाभारत के ज्ञाता महर्षि वेदव्यास, ऋषि पराशर, वशिष्ठ जी जैसे महापुरुषों के आश्रम होने के बाबजूद उनकी देखरेख के अभाव में स्थिति बद से बदतर बनी हुई है अगर इन धार्मिक महत्व के स्थलों में कोई जाना भी चाहता है तो वहां पहुंचने के लिए मार्ग तो छोड़िये दूर दूर तक कीचड़ ही कीचड़ चारों ओर नजर आता है। आपको बताते चले कि आज ओबीसी संघ की एक बैठक राज्यमंत्री हरगोविंद कुशवाहा के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुई। बैठक का आयोजन मां गायत्री विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अदल सरांय कालपी में किया गया था।
इतिहास प्रेमियों की बैठक में जैसे ही राज्यमंत्री पहुंचे तो वहां पर मौजूद लोगों हरगोविंद कुशवाहा जिंदाबाद, ओबीसी संघ जिंदाबाद के नारों के साथ उनका स्वागत किया। ओबीसी संघ के लोगों ने राज्यमंत्री को अवगत काराया कि कालपी नगर महर्षि वेदव्यास की तपोस्थली है। जिन्होंने चारों वेद, पुराण, गीता, महाभारत इत्यादि को लिखा है और हमारे ऐसे विद्वान महापुरुष की तपोस्थली होने के बाबजूद भी शहर में उनका कही नाम नहीं है उनके नाम से शहर का नाम रेलवे स्टेशन का नाम, बस स्टेशन का नाम रखा जाना चाहिए। इसीक्रम में ओबीसी संघ के संयोजक एड. दीपचंद्र सैनी वरिष्ठ पत्रकार ने कहा कि कालपी कस्बा ही नहीं कालपी तहसील क्षेत्र के गांव परासन में वेद व्यास जी के पिता ऋषि पराशर जी का सिद्ध स्थान है जहां से लाखों लोगों को श्रद्धा है परंतु बड़ी विडंबना है कि आज तक किसी भी राजनैतिक दल के द्वारा ऐतिहासिक धरोहरों की ओर ध्यान तक नहीं दिया परासर मंदिर वेद व्यास मंदिर जहां जीर्णशीर्ण हो रहे हैं वही रास्ते तो कीचड़ से पटे हुये हैं कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधयों को अव गत कराया गया परंतु किसी ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया एक ओर जहां भाजपा आयोध्या में करोडों की लागत से राम मंदिर बनवा रही है वहीं पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के कुल गुरु वशिष्ठ के आश्रम की ओर ध्यान न दिया जाना चिंतनीय है इतना ही नहीं कालप्रिय काशी विश्वनाथ की नगरी छोटी काशी से विख्यात कालपी में सूर्य मंदिर भी है जहां यदि कालपी शहर को जोड़ने वाला मार्ग विकसित हो जाय तो विदेशी पयर्टकों का आवागमन भी बढ़ जाये। लेकिन दुभार्ग्य है कि रास्ता सुगम न होने के चलते लोग आते तो हैं परंतु जब यहां आते हैं और यहां के ऐतिहासिक जगहों पर जाते हैं तो पाते हैं कि अभी भी यह क्षेत्र उपेक्षा का ही शिकार है। हालांकि जनपद की जिलाधिकारी चांदनी सिंह का प्रयास तो है कि शहर कालपी में वेद व्यास पार्क बन जाये जिसके लिए जगह भी तलाश की जा रही है अब कब तक यह मूर्तरूप में आ पाएगा यह समय ही बताएगा। विभिन्न विकास संबंधी समस्याओं को सुनने के बाद राज्यमंत्री ने मांगों को सुना और शीघ्र ही मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को अवगत कराकर उनका विकास कराने का आश्वासन भी दिया। उनको समस्याओं से अवगत कराने वालों में अरविंद राठौर जिलाधयक्ष राठौर समाज, दीप चंद्र सैनी जिलाध्यक्ष सैनी समाज, वीर सिंह बघेल, वेद व्यास के वंशज राम बिहारी निषाद, माता प्रसाद निषाद, संजय सविता, फूल सिंह कुशवाहा, राज पाल प्रजापति, गोलू विश्वकर्मा सौरभ निरंजन, संजीव निरंजन आदि लोग मौजूद रहे।






