रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today ।जालौन कोतवाली क्षेत्र स्थित एक गांव में बंधुवा मजदूरी कराए जाने का प्रकरण आया है। पुलिस ने रात में सर्च ऑपरेशन चलाकर चार बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया है। पुलिस ने मौके से बंधुआ मजदूरी करा रहे आरोपी व्यक्ति को भी पकड़ा है। जिससे पूछतांछ की जा रही है।
कोतवाली प्रभारी हरिशंकर चंद को सूचना मिली कि कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जगनेवा में हरिहर प्रसाद दांतरे अपने यहां कुछ मजदूरों को रखे हुए हैं। जिनसे बंधुआ मजदूरी कराई जा रही है। सूचना मिलते ही रात करीब 11 बजे सीओ शैलेंद्र बाजपेई के नेतृत्व में कोतवाल हरिशंकर चंद, एसआई निसार अहमद के पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंए गए। जब पुलिस ने हरिहर प्रसाद दांतरे से पूछतांछ की तो उन्होंने बताया कि उनके यहां कोई बंधुआ मजदूर नहीं है। काफी देर इधर, उधर तलाश करने के बाद भी जब पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस टीम वापसी के लिए तैयार होने लगी। तभी अचानक से हरिहर प्रसाद के बगल में स्थित पशुबाड़े के एक टिन शैड के कच्चे कमरे से कोई चीज गिरने की आवाज आई। पुलिस ने वहां जाकर देखा तो कमरे का ताला लगा था। पुलिस ने जब आवाज दी तो अंदर से कुछ लोगों के बोलने की भी आवाज आई। जिसके बाद कमरे का ताला खुलवाया गया। कमरे का ताला खुलवाने के बाद जब पुलिस ने अंदर देखा तो अंदर चार लोग कमरे में बंद थे। बंधुआ मजदूरों के मिलने की सूचना मिलने पर एएसपी डॉ. ईसान सोनी भी गांव में पहुंच गए। नाम पता पूछने पर उन्होंने अपने नाम दिल्ली के विजय नगर निवासी अनिल पुत्र श्याम सुंदर (45), जनपद बरेली निवासी.वीरेंद्र (30) पुत्र छेगेलाल, जनपद हमीरपुर के थाना जरिया क्षेत्र के ग्राम कछुआ कला निवासी प्रेमचंद्र (32) पुत्र बलीराम, व जनपद हमीरपुर के राठ थाना क्षेत्र के ग्राम बेगए निवासी .धर्मेंद्र (30) पुत्र लल्लू बताए। पुलिस को मौके से 11 पिट्ठू बैग भी मिले। पुलिस ने पिटठू बैग समेत उन चारों को मुक्त कराकर कोतवाली ले आई। बंधुआ मजदूरो ंने बताया कि उनसे मारपीट कर मजदूरी कराई जा रही थी। पुलिस ने आरोपी हरिहर प्रसाद दांतरे को गिरफ्तार कर लिया जबकि मामले में हरिहर प्रसाद दांतरे का बेटा अवधेश मौके से भाग निकला। इस बाबत शीओ शैलेंद्र बाजपेई ने बताया कि चार बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया गया है। जिनके परिजनों को सूचना दे दी गई है। अभी चारों मजदूर पुलिस की अभिरक्षा में हैं। परिजनों के आने के बाद उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा। मामले में आरोपी हरिहर प्रसाद को गिरफ्तार किया गया है। जबकि उसका बेटा मौके से भाग निकला। पुलिस उसकी भी तलाश कर रही है।
घबराए थे मजदूर
-जालौन। कमरे का ताला खुलवाकर जब पुलिस अंदर पहुंची तो चारों बंधुआ मजदूर के चेहरे बेहद घबराए हुए थे। पुलिस को देखते ही उनका एक आस बंधी और उन्होंने पुलिस को उनको दी जा रही प्रताड़ना के बारे में बताया। बताया कि उन्हें भरपेट खाना भी नहीं दिया जा रहा था और उनसे जमकर मजदूरी कराई जा रही थी। यह मजदूर लगभग एक साल से बंधुआ मजदूर के रूप में काम कर रहे थे। भरपेट भोजन और सोने के लिए अच्छी जगह न मिलने से उनके मानसिक स्वास्थ पर भी गहरा असर पड़ा था। काफी देर तक तो मजदूर अपनी बात तक नहीं कह सके। पुलिस ने उन्हें पानी पिलाया और उन्हें सांत्वना दी तब कहीं जाकर उन्होंने आपबीती बताई।






