आजादी के 76 साल बाद भी रेलवे लाइन को तरस रहा,, जालौन जनपद का नगर जालौन,, लोगों ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र,,

Even after 76 years of independence, people are longing for the railway line, Jalaun city of Jalaun district, people wrote a letter to the Prime Minister,

(रिपोर्ट – बबलू सेंगर)

Jalaun news today । उत्तर प्रदेश का एक जिले का एक नगर ऐसा है जहाँ पर आजादी के 76 साल बाद भी ट्रेन की सुविधा नही शुरू हो सकी है। जी हाँ में बात कर रहा हूँ जालौन जनपद के नगर जालौन की जहाँ पर आज तक रेलवे लाइन की सुविधा लोगों को नही मिल पाई। लोगों का कहना है कि जालौन नगर को रेलवे लाईन से जोड़ने के लिए स्वतंत्रता के बाद से जनता आशा लगाए है इसके बाद भी अभी तक नगर रेलवे लाइन से नहीं जुड़ नही पाया है । चुनावी वर्ष में रेलवे लाइन के लिए बजट उपलब्ध कराने की मांग को लेकर नगर की जनता ने हस्ताक्षर युक्त मांग पत्र प्रधानमंत्री को भेजा है और सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों से इस मांग को रेल मंत्रालय तक पहुंचाया है।
बुंदेलखंड क्षेत्र में जालौन जिले को अति पिछड़े क्षेत्र के रूप में गिना जाता है। आजादी के बाद से अभी तक जालौन नगर रेलवे लाईन से वंचित रहा है। जबकि समय समय पर जनता द्वारा नगर को रेलवे राईन से जोड़े जाने की मांग उठाई जाती रही है। आजादी के बाद प्रथम रेलमंत्री लालबहादुर शास्त्री ने जालौन नगर में आकर नगर को रेलवे लाईन से जोड़े जाने का आश्वासन दिया था। बाद में ममता बनर्जी के समय रेलवे लाईन का सर्वे भी कराया गया। वहीं, समाजसेवी अखिलेश लाक्षाकार, देवी दयाल वर्मा व नगर की जनता की ओर से लगातार नगर को रेलवे लाईन से जोड़े जाने की मांग उठाई जाती रही। इस बार अखिलेश लाक्षाकार ने मुहिम चलाकर नगरवासियों के हस्ताक्षर युक्त मांग प्रधानमंत्री को भेजा है जिसमें कहा गया है कि पूर्व में कोंच से फफूंद वाया जालौन 89.66 किमी एवं महोबा से भिंड वाया जालौन 217 किमी रेलवे लाईन का सर्वे भी हो चुका है। लेकिन बजट के अभाव में अभी तक रेल लाईन का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। वर्ष 2016 में नगर की जनता ने क्रमिक अनशन के साथ ही आमरण अनशन किया था। तब रेलवे लाईन का आश्वासन भी दिया गया था। लेकिन अभी तक यह आश्वासन नगर की जनता के लिए कोरा आश्वासन ही साबित हुआ है। यदि नगर को रेलवे लाईन से जोड़ा जाता है तो नगर व क्षेत्र का भी विकास होगा। इसलिए नगर व क्षेत्र की जनता को ध्यान में रखते हुए नगर को रेलवे लाईन की सौगात दी जाए। रेल आन्दोलन से जुड़े गौरीश द्विवेदी, देवीदयाल वर्मा, मनोज रिछारिया, शामीर अली, सोमिल याज्ञिक, गजेंद्र सिंह सेंगर आदि ने नए बजट में रेलवे लाइन के लिए बजट उपलब्ध करवाने की मांग को सोशल मीडिया के प्लेटफार्मों के माध्यम से प्रधानमंत्री व रेलमंत्री को पहुंचाया है।

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