शनिधाम में आयोजित रामकथा में कथाचार्य ने सुनाई ये कथा,,,

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं। लेकिन ऐसा होने पर समय रहते सुधार और प्रायश्चित जरूरी है। ऐसा नहीं हुआ तो गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है। यह बात श्रीशनि धाम पर आयोजित रामकथा में कथा वाचक गुरू प्रसाद ने कही।
गूढ़ा न्यामतपुर के पास स्थित श्रीशनिधाम पर आयोजित रामकथा में कथा वाचक गुरूप्रसाद ने कहा कि भक्ति एक ऐसा उत्तम निवेश है, जो जीवन में परेशानियों का उत्तम समाधान देती है। साथ ही जीवन के बाद मोक्ष भी सुनिश्चित करती है। गुरू की महत्ता का वर्णन करते हुए कहा कि गुरूकी महत्ता हमारे जीवन में अनुपम है क्योंकि गुरू के बिना हम जीवन का सार ही नहीं समझ सकते हैं। लेकिन हमेशा इस बात का सदैव ही ध्यान रखना चाहिए कि गुरू के समक्ष चंचलता नहीं करनी चाहिए। जितनी आवश्यकता है उतना ही बोलें और जितना अधिक हो सके गुरू की वाणी का श्रवण करें। कहा कि संतो का सत्संग करते समय यह नहीं सोचना चाहिए कि हमें कोई बीमारी नहीं आएगी, हमारा परिवार खुशहाल रहेगा या फिर हमारा व्यापार अच्छा चल जाएगा, यह तो प्रारब्ध होता है जो इस दुनिया में आया है उसे एक दिन जाना ही है। जब लाभ होता है तो हानि भी निश्चित होती है। सत्संग तो जीवन की धारा बदल देता है जिसमें आप ज्ञान और भक्ति की धारा में बहने लगते हैं। यही बातें हमें मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम के जीवन से हमें सीखने को मिलती है। इस मौके पर पुजारी बृजेश तिवारी, रामजी, मोनू, सौरभ, अनिल कुमार, कल्लू, दिव्याशु, दीपक, शैलजा, मोहिनी, सुषमा आदि भक्त मौजूद रहे।

कल 1 बजे से होंगे इस मंदिर में प्रवचन

जालौन। मंगल मानस संघ के तत्वावधान में द्वारिकाधीश मंदिर प्रांगण पर आयोजित रामचरित मानस प्रवचन का आयोजन मंगलवार को दोपहर एक बजे से सायं सात बजे तक होगा। सायं सात बजे के बाद तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन होगा। यह जानकारी मंत्री प्रेमनारायण मन्नी सोनी ने दी है।

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