रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन जनपद में ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण और पर्यटन की संभावना तलाशने की आवश्यकता है। इसके साथ ही जनपद में बेरोजगारी की समस्या को दूर करने के लिए उद्योग धंधे स्थपित कराने के लिए समाजसेवी ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है ।
ऐतिहासिक दृष्टि से जनपद जालौन का काफी महत्व रहा है। जनपद में कई ऐसी इमारते हैं जिनका यदि संरक्षण किया जाए तो जनपद में पर्यटन की संभावना के साथ ही लोगों को रोजगार भी मिल सकता है। इस दिशा में पूर्व डीएम राजशेखर, प्रशिक्षु आई आईएएस संजय खत्री, डॉ. मन्नान अख्तर ने प्रयास किया था। उन्होंने जनपद की ऐतिहासिक महत्व की विरासत को संरक्षित करने की दिशा में कदम उठाते हुए उनकी वीडियोग्राफी के साथ ही प्रचार प्रसार भी किया था। लेकिन अब इस दिशा में कोई कार्य नहीं हो रहा है। ऐसे में समाजसेवी विपुल दीक्षित, अखिलेश लाक्षाकार, प्रदुम्न दीक्षित आदि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे पत्र में लिखा कि जनपद की ऐतिहासिक विरासत क्षतिग्रस्त हो रही हैं। जलावन ऋषि की नगरी जालौन नगर में स्थित ताईबाई महल, क्रोंच ऋषि की नगरी में स्थित बारह खंभा, व्यास नगरी कालपी, गोपालपुरा, रामपुरा, समेेत जनपद के अधिकांश स्थानों पर एतिहासिक विरासत को समेटे हुए कई इमारतें हैं जो संरक्षण के अभाव में जर्जर हो रही हैं। ताईबाई महल तो बारिश के चलते धीरे धीरे ढह रहा है। यदि इन इमारतों को संरक्षित कर पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए तो क्षेत्र के लोगों को रोजगार की संभावना भी बढ़ेगी और नई पीढ़ी ऐतिहासिक विरासतों से भी परिचित हो सकेगी। उन्होंने लिखा कि शिक्षित युवा बेरोजगार हैं, महिलाएं भी घर गृहस्थी में उलझी रहती हैं। आज के दौर में बढ़ती मंहगाई के चलते एक व्यक्ति द्वारा घर चलाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में इस क्षेत्र में उद्योग धंधों की संभावना भी बन सकती है। जनपद के वन क्षेत्र में रक्षा संबंधी उपकरणों की फैक्ट्री, प्रशिक्षण केंद्र आदि खुलवाकर क्षेत्र में रोजगार की संभावना को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से इस दिशा में विचार करके योजना बनाए जाने की मांग की है।




