जालौन के इस स्थान पर हो रही भागवत कथा में भक्तों ने सुनी यह कथा,,,शहजाद पुरा में भी भागवत कथा सुन मगन हुए भक्त

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today ।जालौन नगर के एकमात्र सरस्वती मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत पुराण कथा में पांचवे दिन भगवताचार्य बजरंगी महाराज ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं वर्णन किया।
श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिन भगवताचार्य नैमिषारण्य धाम से पधारे बजरंगी महाराज ने कहा कि सदा सुख केवल भगवान के चरणों में है। भागवत कथा से कल्याणकारी और कोई भी साधन नहीं है इसलिए व्यस्त जीवन से समय निकालकर कथा को आवश्यक समय देना चाहिए। वैसे तो भगवान विष्णु ने अभी तक तेईस अवतारों को धारण किया। इन अवतारों में उनके सबसे महत्वपूर्ण अवतार श्रीराम और श्रीकृष्ण के ही माने जाते हैं। श्रीकृष्ण का जन्म राजा यदु कुल के वंश में हुआ था। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन की गाथा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। साथ ही उन्होंने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भी वर्णन किया। कथा में पुजारी हृदेशनारायण मिश्रा, परीक्षित पुष्पा देवी, नरेशचंद्र शिवहरे, बृजकिशोर सोनी, राजीव गुर्जर, महावीर सिंह, राजेश वर्मा, रिंकू गुप्ता, अरविंद मिश्रा, गीता देवी, बॉली गुप्ता, बाबूराम, बबली गुप्ता, किशुन कुमार, नीलम, देवेंद्र कुमार, शशि, अरुण, शालिनी, सतेंद्र, मनोज,़ शिवम,माया, शिवाजी, मुस्कान, अंजू, वर्षा, उत्तम शिवहरे, पायल, दीपक शिवहरे, निकेता, प्रदर्शन शिवहरे आदि रहे।

जालौन के शहजादपुरा में भी भक्तों ने सुनी भागवत कथा,,

जालौन। क्षेत्रीय ग्राम शहजादपुरा में सुशील माहेश्वरी के आवास पर आयोजित भागवत कथा के तीसरे दिन भागवताचार्य नित्यकिशोर पुरोहित ने भागवत कथा की महिमा के बारे में बताया और भागवत को अपने जीवन में अपनाने की अपील की।
भागवत कथा आयोजन के तीसरे दिन वृंदावन धाम से पधारे भागवताचार्य नित्यकिशोर पुरोहित ने कहा कि भागवत कथा से बडा कोई सत्य नहीं है। भागवत कथा अमृत है इसके श्रवण करने से मनुष्य अमर हो जाता है। यह एक ऐसी औषधि है जिससे जन्म-मरण का रोग मिट जाता है। भागवत कथा को पांचवां वेद कहा गया है जिसे पढ सकते हैं और सुन सकते हैं। कृष्ण हिन्दू धर्म में विष्णु के अवतार हैं। सनातन धर्म के अनुसार भगवान विष्णु सर्वपापहारी पवित्र और समस्त मनुष्यों को भोग तथा मोक्ष प्रदान करने वाले प्रमुख देवता हैं। जब-जब इस पृथ्वी पर असुर एवं राक्षसों के पापों का आतंक व्याप्त होता है तब-तब भगवान विष्णु किसी किसी रूप में अवतरित होकर पृथ्वी के भार को कम करते हैं। उन्होंने भक्त प्रहलाद और धु्रव की कथा का भी वर्णन किया। इस मौके पर अंशू माहेश्वरी, सुशील माहेश्वरी, सुजाता माहेश्वरी, सुधीर डांगरा, आदि रहे।