जालौन के इस गांव में चल रही भागवत कथा में कथाचार्य ने सुनाई यह कथा,,,

रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । मनुष्य को जीवन जीने के लिए तमाम तरह की आवश्यकता पड़ती है। वह उन आवश्यकताओं की पूर्ति का हर संभव प्रयास करता है। जैसे जीवन में भोजन व वस्त्र की है, उतनी ही आवश्यकता सत्संग की भी है। सत्संग से ही जीव का कल्याण संभव है। इसलिए जहां भी सत्संग होता मिले उसमें अवश्य ही बैठें। यह बात पं. सर्वेश दीक्षित ने महिया श्री रामजानकी व दुर्गा माता मंदिर पर आयोजित श्रीमद भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के दौरान उपस्थित श्रोताओं के समक्ष कही।

ग्राम महिया स्थित प्राचीन दुर्गा माता मंदिर व हाल ही में बने श्रीराम जानकी मंदिर पर आयोजित श्रीमद भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के तीसरे दिन कथा वाचक पं. सर्वेश दीक्षित ने उपस्थित श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भागवत कथा समाज का दर्पण है। भागवत कथा सुनकर मन व आत्मा तृप्त हो जाती है। उन्होंने कहा कि सत्संग के माध्यम से लोग अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं। सत्संग के माध्यम से ही मानव जीवन का कल्याण संभव है। मानव जीवन में जितनी आवश्यकता भोजन व वस्त्रों की है उतनी ही आवश्यकता सत्संग की भी है। समाज को सही दिशा व ज्ञान भागवत कथा के द्वारा ही होता है। कलयुग में साक्षात परमात्मा का दर्शन एवं साक्षात्कार श्रीमद भागवत कथा महापुराण है। इस मौके पर परीक्षत श्रीमति आशा मन्ना सिंह सेंगर, मालखान सिंह,राजेंद्र सिंह , यतेंद्र सिंह , राकेश सिंह , देवेन्द्र सिंह , जितेंद्र सिंह , राजवीर सिंह , नरेंद्र , हरेंद्र , कालका प्रसाद,विसंभर दयाल दीनदयाल , बनवारी लाल , सिंह , दीपेंद्र ,बीटू ,दीपू , सुंदर सिंह , दुर्गा प्रसाद राहुल ,करुणा सिंह , राधा , मंजू , अनीता ,छवि , छाया,मोनिका ,नीलम , सोनम , रानी , अर्चना , मालती , माया देवी , सुशांत सिंह , राका , फुर्तीले कक्का आदि भक्त मौजूद रहे ।