रिपोर्ट बबलू सेंगर

Jalaun news today । जालौन में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही द्वारा गांव-गांव और मोहल्लों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल की जा रही है। नगर के मोहल्ला चिमनदुबे में एक जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों ने शिक्षा को जीवन का सबसे बड़ा धन बताते हुए अपने बच्चों को हर हाल में पढ़ाने का संकल्प लिया। बैठक में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि आधी रोटी खाएंगे, लेकिन अपने बच्चों को शिक्षित करके रहेंगे।
बैठक में मौलाना खालिद रहमानी ने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जो समाज की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल सकती है। अशिक्षा के कारण समाज को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जबकि शिक्षित व्यक्ति न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के विकास में योगदान देता है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही ने लोगों को शिक्षित करने की जो मुहिम शुरू की है, वह बेहद सराहनीय है। शिक्षा किसी एक वर्ग, समुदाय या परिवार की जरूरत नहीं, बल्कि पूरे समाज की बुनियादी आवश्यकता है। माता-पिता का पहला कर्तव्य है कि वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाएं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में शिक्षा के बिना तरक्की की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी कारण से बच्चों की पढ़ाई न रुकने दें। आर्थिक कठिनाइयां आएं तो उनका सामना किया जा सकता है, लेकिन बच्चों को शिक्षा से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षित युवा ही समाज को नई दिशा और नई पहचान दे सकते हैं। बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि वे अपने मोहल्ले में कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर नहीं रहने देंगे। यदि किसी परिवार का बच्चा पढ़ाई से वंचित है तो उसे विद्यालय तक पहुंचाने में सभी लोग सहयोग करेंगे। इस मौके पर फीरोज, जावेद आदि मौजूद रहे।






