मंदिर व स्कूल के रास्ते लगा शराब की दुकान का बोर्ड,,लोगों ने जताई आपत्ति, दिया ज्ञापन,की ये मांग

रिपोर्ट बबलू सेंगर

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Jalaun news today । जालौन में आबकारी विभाग ने कोंच चौराहे पर स्थित शराब की दुकान का स्थान परिवर्तन कर मोहल्ला जोशियाना के नाम कर दिया। स्थान परिवर्तन के बाद दुकान का बोर्ड चुर्खी रोड पर प्रसिद्ध बालाजी मंदिर के पास लगा दिया गया है। मंदिर व स्कूल मार्ग के पास खोली जा रही शराब की दुकान को लेकर आसपास के लोगों में नाराजगी है। लोगों ने अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर स्थान परिवर्तन की मांग की है।
आबकारी विभाग ने कोंच चौराहे पर संचालित शराब की दुकान नंबर सात का स्थान परिवर्तन कर दिया है। बताया जा रहा है कि कोंच चौराहे पर दो दुकानें होने के कारण दुकान नंबर सात को जोशियाना के नाम कर दिया। नाम परिवर्तन के बाद शनिवार को चुर्खी रोड पर जल संस्थान के पम्प के पीछे बालाजी मंदिर के पास शराब की दुकान का बोर्ड लगा दिया गया है। बोर्ड लगते ही मोहल्ले के लोगों ने विरोध प्रकट किया है। मोहल्ले के ओमप्रकाश गुप्ता, शशिभूषण सिंह, दामोदर दास राठौर, शिवराम, अभिषेक, राजकुमार, अनिल, विजय कुमार, शिवबालक सिंह, समता, काजल, कोमल, छाया, हरिमोहन कुशवाहा, रानू याज्ञिक आदि ने एडीएम को ज्ञापन देकर बताया कि नगर के प्रसिद्ध बालाजी मंदिर व शिव मंदिर के साथ ही वहां जल संस्थान का पंप लगा होने से लोगों का आना जाना लगा रहता है। चुर्खी रोड बालाजी चौराहे से होकर दो इंटर कॉलेज और दो महाविद्यालय के छात्र छात्राओं का आना जाना रहता है। स्कूल मार्ग व मंदिर के पास खोली जा रही शराब की दुकान से यहां माहौल खराब होगा, महिलाओं और युवतियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने शराब की दुकान को मंदिरों व स्कूल मार्ग से हटवाने की मांग की है जिससे स्कूली छात्र छात्राओं व भक्तों के राहगीरों को दिक्कत न हो।

युवाओं ने दिया एसडीएम को शिकायती पत्र,, की ये मांग

जालौन। तहसील क्षेत्र के ग्राम लौना में युवाओं ने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर राजस्व अभिलेखों में खलिहान के रूप में दर्ज गाटा संख्या 791 की पैमाइश कराकर उसकी सीमाएं स्पष्ट कराने एवं भूमि की साफ-सफाई कराकर खेल के मैदान के उपयोग लायक बनवाने की मांग की है।
गांव के युवा उपेन्द्र सेंगर, अभिषेक सेंगर, दीपराज, विकास, प्रद्युम्न सेंगर आदि ने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि गांव में खलिहान की भूमि वर्तमान में खाली पड़ी हुई है, जहां घास एवं घनी झाड़ियां उग आई हैं। इसके कारण भूमि पूरी तरह अनुपयोगी हो गई है और बिना मशीनों के इसकी सफाई संभव नहीं है। गांव में खेल मैदान के लिए कोई अन्य पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है, इसलिए गाटा संख्या 791 ही बच्चों और युवाओं के खेलकूद के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है। उन्होंने इस भूमि की पैमाइश कराकर उसकी सीमाएं निर्धारित कराने जाएं एवं मशीनों के माध्यम से इसकी साफ-सफाई कराकर उसे खेल मैदान के रूप में विकसित करने योग्य बनाए जाने की मांग की है, ताकि गांव के बच्चे एवं युवा नियमित रूप से खेलकूद का अभ्यास कर सकें।